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Saturday, August 8, 2026

ग्वारीघाट क्षेत्र में मगरमच्छ की मौजूदगी से दहशत, रेस्क्यू में देरी पर उठे सवाल

खंडारी नाला के पास रोजाना नजर आ रहा मगरमच्छ, घाट की ओर बढ़ा तो बढ़ सकता है हादसे का खतरा



जबलपुर। ग्वारीघाट क्षेत्र में खंडारी नाला के आसपास पिछले कुछ दिनों से मगरमच्छ की लगातार मौजूदगी ने स्थानीय लोगों और राहगीरों की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि मगरमच्छ रोजाना इलाके में दिखाई दे रहा है, जिसके चलते आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि यदि मगरमच्छ नाले से निकलकर ग्वारीघाट के मुख्य घाट की ओर पहुंच गया तो वहां स्नान करने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना वन विभाग को भी दी जा चुकी है। लोगों का कहना है कि सूचना मिलने के बावजूद अब तक मगरमच्छ का रेस्क्यू नहीं किया गया है। वन विभाग की ओर से कथित तौर पर बताया गया कि जबलपुर की रेस्क्यू टीम में से एक टीम शहर से बाहर रेस्क्यू अभियान में गई हुई है। इसके चलते तत्काल कार्रवाई में परेशानी आ रही है।

क्या इतने बड़े शहर में केवल एक ही रेस्क्यू टीम?

वन विभाग की इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी दिखाई दे रही है। उनका सवाल है कि जब जबलपुर जैसे बड़े शहर में लगातार वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों में आने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, तो क्या मगरमच्छों के रेस्क्यू के लिए केवल एक ही टीम उपलब्ध है?

लोगों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में मगरमच्छ की लगातार मौजूदगी की सूचना मिल रही है तो उसे केवल सामान्य सूचना मानकर छोड़ना उचित नहीं है। समय रहते रेस्क्यू किया जाना जरूरी है, क्योंकि किसी भी समय स्थिति गंभीर हो सकती है।

घाट की ओर पहुंचा तो बढ़ सकता है खतरा

ग्वारीघाट क्षेत्र की सबसे बड़ी चिंता यह है कि खंडारी नाला ग्वारीघाट के आसपास के क्षेत्र से जुड़ा हुआ है और यदि मगरमच्छ पानी के रास्ते या नाले से निकलकर घाट की तरफ पहुंचता है तो वहां स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के सामने बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है।

ग्वारीघाट में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग स्नान, पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मगरमच्छ की मौजूदगी को लेकर लोगों का कहना है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय वन विभाग को तत्काल सक्रिय होकर कार्रवाई करनी चाहिए।

लोगों ने की सुरक्षित रेस्क्यू की मांग

स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द विशेषज्ञ टीम को मौके पर भेजकर मगरमच्छ की निगरानी की जाए और उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर उपयुक्त स्थान पर छोड़ा जाए। साथ ही जब तक मगरमच्छ का रेस्क्यू नहीं हो जाता, तब तक संबंधित क्षेत्र में लोगों को सतर्क करने और संभावित खतरे वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की भी मांग की गई है।

फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है। सवाल यही है कि क्या किसी अप्रिय घटना के बाद विभाग सक्रिय होगा या उससे पहले ही मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया जाएगा?

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