शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों का किया तुलनात्मक अध्ययन, भोपाल के सेम ग्लोबल विश्वविद्यालय ने किया सम्मानित
जबलपुर। संस्कारधानी के वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार एवं सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय पंडित चंद्रशेखर शर्मा ने शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भोपाल स्थित सेम ग्लोबल विश्वविद्यालय ने उन्हें शोध कार्य पूर्ण करने पर डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की है। उनकी इस उपलब्धि से पत्रकारिता, शिक्षा, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में हर्ष का माहौल है।
पंडित चंद्रशेखर शर्मा ने अपने शोध में “शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत प्रवेशित प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों का तुलनात्मक अध्ययन” विषय को केंद्र में रखा। उनका शोध प्रबंध भोपाल स्थित सरदार अजीत सिंह स्मृति महाविद्यालय के शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. आरती शर्मा के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में पूर्ण हुआ।
शिक्षा के अधिकार और विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर केंद्रित रहा शोध
शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत प्राथमिक स्तर पर प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों का तुलनात्मक अध्ययन शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की प्रगति और सीखने की प्रक्रिया को समझने की दृष्टि से महत्वपूर्ण विषय है। प्राथमिक शिक्षा बच्चों के बौद्धिक, सामाजिक और व्यक्तित्वगत विकास की आधारशिला होती है। ऐसे में इस स्तर पर विद्यार्थियों की उपलब्धियों का अध्ययन शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े विमर्श को नई दिशा देने में सहायक हो सकता है।
पत्रकारिता के व्यस्त दायित्वों के बीच शोध कार्य को पूरा कर डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करना पंडित चंद्रशेखर शर्मा की अध्ययनशीलता, अनुशासन और ज्ञानार्जन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
गुरुजनों के आशीर्वाद को दिया सफलता का श्रेय
अपनी इस शैक्षणिक उपलब्धि पर पंडित चंद्रशेखर शर्मा ने गुरुजनों के आशीर्वाद, माता-पिता के संस्कार, परिवार के सहयोग तथा मित्रों और शुभचिंतकों की प्रेरणा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने अपने दिवंगत गुरु पंडित मनमोहन मुदगल का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उनके प्रति आभार जताया।
उन्होंने सिद्ध श्री मां दरबार के अधिष्ठाता, मां भगवती के अनन्य साधक एवं अपने मार्गदर्शक परम पूज्य दैवज्ञ पंडित अरुण शर्मा के प्रति भी विशेष श्रद्धा व्यक्त की। पंडित शर्मा ने कहा कि जीवन में गुरुजनों का मार्गदर्शन व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। ज्ञान, अनुशासन, धैर्य और निरंतर साधना के मार्ग पर गुरु का आशीर्वाद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने अपने माता-पिता पंडित मदन गोपाल शर्मा एवं श्रीमती राम कुमारी शर्मा, भाई मनीष शर्मा, बहन रश्मि त्रिपाठी एवं बहनोई अखिलेश त्रिपाठी के प्रति भी हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी जीवनसंगिनी श्रीमती रजनी शर्मा और पुत्र प्रांजल शर्मा के सहयोग एवं प्रोत्साहन को भी इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार बताया।
विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों और शिक्षाविदों के प्रति जताया आभार
पंडित चंद्रशेखर शर्मा ने अपनी शोध यात्रा में मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने वाले सेम ग्लोबल विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों और शिक्षाविदों के प्रति आभार व्यक्त किया। इनमें विश्वविद्यालय की कुलाधिपति इंजीनियर प्रीति सलूजा, संचालक एवं चेयरमैन डॉ. हरप्रीत सिंह सलूजा, कुलपति प्रोफेसर एन.के. तिवारी, प्रोफेसर डॉ. अखिलेश कुमार सिंह, शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा बाजपेयी तथा पीएचडी सेल से संबंधित विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि मिश्रा शामिल हैं।
उन्होंने अपने शोध निर्देशक डॉ. आरती शर्मा के मार्गदर्शन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही गांधी कॉलेज भोपाल के प्राचार्य राकेश साहू, महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिलीप सिंह हजारी, खालसा कॉलेज के दिवंगत प्राचार्य डॉ. आर.एस. चंडोक तथा सेम ग्लोबल विश्वविद्यालय से जुड़े मुकेश जी के प्रति भी सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
मित्रों और सहयोगियों के योगदान को भी किया याद
अपनी उपलब्धि के अवसर पर पंडित शर्मा ने डॉ. ददन सिंह परिहार, गुरु भाई दीपक सोनी और अंजलि कंप्यूटर की संचालिका अंजलि नामदेव सहित उन सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया, जिन्होंने उनकी शैक्षणिक यात्रा में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग और प्रोत्साहन प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करने में परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों का विश्वास तथा सहयोग व्यक्ति का मनोबल बढ़ाता है। शोध कार्य के दौरान मिले स्नेह और प्रोत्साहन ने भी उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में संबल प्रदान किया।
पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रियता का नया अध्याय
पंडित चंद्रशेखर शर्मा लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। जनसरोकारों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के साथ-साथ साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी रही है। पत्रकारिता जैसे व्यस्त क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उच्च शिक्षा और शोध के लिए समय निकालना उनकी बहुआयामी प्रतिभा और अध्ययन के प्रति समर्पण को रेखांकित करता है।
उनकी यह उपलब्धि उन लोगों के लिए प्रेरणास्पद है, जो अपने व्यावसायिक और सामाजिक दायित्वों के साथ-साथ उच्च शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं।
डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त होने पर पत्रकारिता, शिक्षा, साहित्य, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों और शुभचिंतकों ने पंडित चंद्रशेखर शर्मा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी इस उपलब्धि ने संस्कारधानी के पत्रकारिता जगत में एक नया शैक्षणिक अध्याय जोड़ा है।

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