कवर्ड लॉफ्ट में छिपा बैठा था शेख आदिल, कमर में लोडेड पिस्टल... ऊपर आरोपी, नीचे क्राइम ब्रांच—एक गलती और हो सकता था बड़ा हादसा
जबलपुर। अपराधियों के खिलाफ जबलपुर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे कुख्यात फरार आरोपी को दबोचा है, जो पिछले करीब तीन साल से पुलिस को चकमा दे रहा था। पकड़ा गया शेख आदिल न केवल हत्या और हत्या के प्रयास के मामलों में फरार था, बल्कि पुलिस पूछताछ में उसके अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क से जुड़े होने का भी खुलासा हुआ है।
क्राइम ब्रांच को 17 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली कि थाना माढ़ोताल के अनिराज नायडू हत्याकांड और थाना ग्वारीघाट के हत्या के प्रयास जिसमें उसने रतन यदवके के ऊपर गोली चलाई थी इन दोनो मामले का फरार ईनामी आरोपी शेख आदिल लार्डगंज थाना क्षेत्र की भूलन बस्ती स्थित एक कोने वाले मकान में छिपा हुआ है।
सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच ने बिना समय गंवाए इलाके की घेराबंदी की और बताए गए मकान पर दबिश दी।
चूहे की तरह कवर्ड लॉफ्ट में दुबका था आरोपी
क्राइम ब्रांच की टीम जैसे ही मकान में पहुंची, आरोपी नीचे नहीं मिला। तलाशी के दौरान पता चला कि पुलिस से बचने के लिए शेख आदिल ऊपर बने कवर्ड लॉफ्ट में छिपा बैठा था।
लेकिन यहां स्थिति बेहद संवेदनशील थी। पुलिस टीम नीचे थी और आरोपी ऊपर। इतना ही नहीं, आरोपी की कमर में लोडेड देशी पिस्टल खोंसी हुई थी। पिस्टल की मैगजीन में चार कारतूस लोड थे। जिस मकान में आदिल छिपा था वह छोटू चौबे पिता शेखर चौबे के नाम का बताया जा रहा हैऔर, पुलिसक कहना क्षेत्रीय लोगों का कहना है यह मकान शेखर चौबे के नाम पर है
यानी जरा सी चूक होती तो आरोपी ऊपर से फायर कर सकता था। बावजूद इसके क्राइम ब्रांच के जवानों ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए आरोपी को काबू कर लिया।
पुलिस की घेराबंदी के आगे आखिरकार तीन साल से फरारी काट रहा आरोपी भी बेबस हो गया।
एक आरोपी... और हथियारों का पूरा जखीरा!
शेख आदिल की निशानदेही पर मकान की तलाशी ली गई तो पुलिस के हाथ हथियारों का बड़ा जखीरा लगा। बरामदगी ने साफ कर दिया कि मामला महज एक पिस्टल तक सीमित नहीं था।
क्राइम ब्रांच ने बरामद किए—
3 देशी पिस्टल, 1 रिवॉल्वर, 4 कट्टे, 2 एयर गन, 1 तलवार, 1 बका, 1 चाकू, 54 कारतूस, 68 फायर किए हुए खाली खोखे, 9 खाली मैगजीन और 23 मोबाइल फोन।
इसके अलावा आरोपी के नाम का पासपोर्ट भी बरामद किया गया है।
हत्या से हथियारों के कारोबार तक... आदिल के खुलासे से खलबली
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि मकान में हथियार और कारतूस बिक्री के लिए रखे गए थे। पुलिस के अनुसार आरोपी ने हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों और नेटवर्क के संबंध में भी जानकारी दी है।
पुलिस का दावा है कि शेख आदिल छोटू चौबे गैंग का सक्रिय गुर्गा है। आरोपी पर थाना माढ़ोताल में अनिराज नायडू की हत्या और थाना ग्वारीघाट में नागपुर निवासी रतन यादव पर गोली चलाकर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है।
बताया गया है कि रतन यादव पर गोली चलाने की वारदात में शेख आदिल ने छोटू चौबे के साथ मिलकर भूमिका निभाई थी। इसके बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था।
क्राइम ब्रांच की दबिश ने खोला हथियारों का राज
पुलिस के अनुसार शेख आदिल ने पूछताछ में यह भी बताया कि हथियारों को बेचने के लिए अलग-अलग लोगों से संपर्क किया जाता था। मामले में शेखर चौबे, सुयश उर्फ छोटू चौबे और बाबू सिंधी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
शेख आदिल की गिरफ्तारी को क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि एक तरफ लंबे समय से फरार हत्या के आरोपी को दबोचा गया, वहीं दूसरी तरफ उसके ठिकाने से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद कर अवैध हथियारों के नेटवर्क पर भी चोट की गई।
छोटू चौबे पहले से NSA में जेल में
पुलिस के मुताबिक शेख आदिल का साथी और संगठित अपराधों में सक्रिय छोटू चौबे उर्फ सुयश चौबे पहले से ही पुलिस की कार्रवाई के घेरे में है। उसकी आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए करीब दो माह पहले उसे NSA के तहत गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल जबलपुर में निरुद्ध कराया गया है।
अब छोटू चौबे गैंग के सक्रिय सदस्य शेख आदिल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस गिरोह के हथियार नेटवर्क के संबंध में और भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
एसपी के निर्देश पर अपराधियों पर लगातार शिकंजा
पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर फरार एवं ईनामी आरोपियों की गिरफ्तारी और लंबित वारंटों की तामीली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री जितेन्द्र सिंह के निर्देशन में क्राइम ब्रांच टीम को फरार आरोपियों की धरपकड़ में लगाया गया था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री आयुष जाखड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री जितेन्द्र सिंह एवं डीएसपी क्राइम श्री उदयभान बागरी के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच ने यह कार्रवाई अंजाम दी।
हत्या का फरार आरोपी पकड़ा गया, हथियारों का जखीरा मिला और तीन साल से पुलिस को चकमा दे रहा आदिल आखिरकार क्राइम ब्रांच के शिकंजे में आ गया।

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