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Monday, July 13, 2026

सुविधाओं के दावों की खुली पोल: मदन महल स्टेशन पर बंद लिफ्ट से परेशान यात्री, एस्केलेटर भी नदारद



जबलपुर।

संस्कारधानी जबलपुर का प्रमुख उप-रेलवे स्टेशन मदन महल यात्रियों की बढ़ती संख्या के बावजूद बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। रेलवे इसे आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त स्टेशन बताता है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आती है। स्टेशन पर लगी लिफ्ट अक्सर बंद रहती है, जबकि आज तक यहां एस्केलेटर (चलती सीढ़ियां) की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा बुजुर्गों, दिव्यांगों, महिलाओं और बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।

ट्रेन के समय ही बंद मिलती है लिफ्ट

यात्रियों का कहना है कि कई बार ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के समय ही लिफ्ट बंद रहती है। ऐसे में यदि किसी यात्री को प्लेटफॉर्म क्रमांक-4 से प्लेटफॉर्म क्रमांक-2 या 1 पर पहुंचना हो, तो उसके सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती है। ट्रेन छूटने के डर से कई लोग नियमों की अनदेखी करते हुए सीधे रेलवे ट्रैक पार कर दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने का जोखिम उठाते हैं।

पहले भी हो चुका है दर्दनाक हादसा

रेलवे ट्रैक पार करना पूरी तरह प्रतिबंधित और जानलेवा है, लेकिन सुविधाओं की कमी लोगों को ऐसा करने के लिए मजबूर कर रही है। करीब एक वर्ष पहले मदन महल स्टेशन पर ट्रैक पार करते समय हुए एक हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके बावजूद व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।

लंबा रैंप भी बना मुश्किल

स्टेशन पर प्लेटफॉर्म जोड़ने के लिए रैंप तो बनाया गया है, लेकिन वह इतना लंबा है कि बुजुर्ग, दिव्यांग और बीमार यात्रियों के लिए उस पर चलना आसान नहीं है। ऐसे यात्रियों के लिए लिफ्ट ही सबसे बड़ी सुविधा है, लेकिन उसके भी अक्सर बंद रहने से परेशानी और बढ़ जाती है। कई बार यात्री रैंप पार करते-करते अपनी ट्रेन तक नहीं पहुंच पाते और उनकी गाड़ी छूट जाती है।

सर्वसुविधायुक्त स्टेशन का दावा सवालों के घेरे में

रेलवे मदन महल स्टेशन को आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त स्टेशन के रूप में प्रस्तुत करता है, लेकिन जब यहां न एस्केलेटर है और न ही लिफ्ट नियमित रूप से चालू रहती है, तो ऐसे दावों की सच्चाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है। यात्रियों का कहना है कि यदि स्टेशन को आधुनिक बनाया गया है, तो आवश्यक सुविधाएं भी हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए।

रेलवे प्रशासन से मांग

यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि लिफ्ट को हर समय चालू रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, खराब होने पर तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा मदन महल स्टेशन पर शीघ्र एस्केलेटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और अन्य यात्रियों को राहत मिलेगी तथा लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करने के लिए मजबूर नहीं होंगे।

बड़ा सवाल

जब मदन महल स्टेशन को सर्वसुविधायुक्त स्टेशन बताया जा रहा है, तो आखिर यहां एस्केलेटर क्यों नहीं है और लिफ्ट अक्सर बंद क्यों रहती है? क्या रेलवे किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करेगा?

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