जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर के तीन पत्ती पुराने बस स्टैंड और उसके आसपास का इलाका देर रात एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शराब दुकानों के बाहर रात 9 बजे से 11:30 , 12 बजे के बाद से लेकर देर रात तक कुछ युवतियां और कथित रूप से कुछ नाबालिग लड़कियां हाथ में केवल दो-तीन गुब्बारे लेकर घूमती दिखाई देती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुब्बारे बेचना केवल एक बहाना प्रतीत होता है, जबकि उनके वहां देर रात तक मौजूद रहने को लेकर कई तरह की चर्चाएं और आशंकाएं सामने आ रही हैं।
शराब दुकान के बाहर शुरू होता है पूरा खेल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ये युवतियां शराब दुकान, पान की दुकानों और आसपास खड़े लोगों के पास जाकर पहले गुब्बारे खरीदने का अनुरोध करती हैं। यदि कोई गुब्बारा नहीं खरीदता तो उससे कुछ आर्थिक मदद की मांग करती हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि कई बार नशे में मौजूद लोगों से दोअर्थी बातचीत भी होती है, जिससे वहां का माहौल और अधिक संदिग्ध दिखाई देता है।
सज-धजकर देर रात तक मौजूदगी से उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश युवतियां पूरी तरह मेकअप में रहती हैं और आकर्षक पहनावा पहनकर देर रात तक क्षेत्र में घूमती रहती हैं। इस दौरान कुछ मनचले युवक उन पर फब्तियां कसते हैं, जिनका जवाब भी खुले तौर पर दिया जाता है। इससे वहां कभी भी विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति बनने की आशंका बनी रहती है।
नाबालिगों की मौजूदगी की आशंका सबसे गंभीर
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इनमें कुछ लड़कियां नाबालिग भी प्रतीत होती हैं। यदि यह बात सही पाई जाती है तो मामला केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि बाल संरक्षण और मानव तस्करी जैसी गंभीर आशंकाओं से भी जुड़ सकता है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
चंद कदम दूर पुलिस चौकी, फिर भी क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्थान पर यह गतिविधियां होने की बात कही जा रही है, वहां से पुलिस चौकी महज कुछ कदम की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद यदि देर रात तक यह सिलसिला जारी है तो पुलिस की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी दिन कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है।
जरूरत है जांच और सख्त कार्रवाई की
यदि ये युवतियां वास्तव में केवल गुब्बारे बेचकर आजीविका चला रही हैं, तो उनके पुनर्वास और सुरक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए। लेकिन यदि इस आड़ में किसी प्रकार का अवैध नेटवर्क संचालित हो रहा है या नाबालिगों का शोषण किया जा रहा है, तो पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन को तत्काल संयुक्त जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
आसपास के लोगों का कहना
क्या तीन पट्टी पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में देर रात चल रही इन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच होगी? या फिर प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है?
अस्वीकरण: इस समाचार में उल्लिखित संदिग्ध गतिविधियों संबंधी बातें स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों पर आधारित हैं। किसी भी अवैध गतिविधि की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा ही की जा सकती है।

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