Update [22/5, 14:56] Anurag Dixit: pratham today
प्रथम टुडे जबलपुर पिछले दिनों विक्टोरिया में एक लेखपाल को रिश्वत लेते लोकायुक्त ने पकड़ा था । जिसके बाद आज एक बड़ा मोड़ सामने आया है जिसमें एक कथित पत्रकार के ऊपर CHMO गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी अपनी पत्नी के ऊपर लगे आरोपों को विभाग द्वारा वापस लेने के लिए इसके द्वारा दबाव बनाया जा रहा है ।
सीएच एम ओ डॉक्टर संजय मिश्रा ने बताया की राकेश कुमार विश्वकर्मा नामक व्यक्ति यह अपने आप को पत्रकार बताता है । इसकी पत्नी बरगी स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ थी जिसका वहां आए दिन विवाद होता रहता था, और इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा खंड अधिकारी द्वारा की गई थी और इनको जिसमें 20 /6/ 022 से 27 /9/ 022,विभाग द्वारा नोटिस भी दिए गए। जिसमें उनके द्वारा बरगी में स्टाफ के साथ अभद्रता करना, वहां पर बीएमओ के साथ अभद्रता करते हुए उन्हें हरिजन एक्ट में फंसा देने की धमकी भी दी गई थी ।
ऐसा भी कहा जाता है कि डीएमओ एवं स्टाफ के द्वारा प्रेमलता गजभइये की शिकायत थाने में भी की गई थी जो राकेश विश्वकर्मा को पसंद नहीं आई थी और उसने वहां भी कहा था कि उसकी पत्नी की शिकायत करना उसे अच्छा नहीं लगा है । दिए गए नोटिस में एक नोटिस कार्य में लापरवाही एवं जिसके कारण एक महिला की मृत्यु होना भी बताया गया है ।
जिसके बाद राकेश की पत्नी प्रेमलता को विक्टोरिया में 2 साल पहले ट्रेनिंग के लिए बुलवाया गया था । विक्टोरिया में ट्रेनिंग के दौरान अधिकारियों ने केवल इसलिए कि बरगी में हमेशा विवाद होता है जो अच्छा भी नहीं है इसलिए उसको जबलपुर में ही पदस्त कर दिया गया था । इसके बाद राकेश द्वारा विक्टोरिया में सूचना अधिकार के अंतर्गत कुछ कागज मांगे गए थे और जिसको लेकर महिला लेखपाल के ऊपर लोकायुक्त ने कार्यवाही की गई थी जिसमें राकेश का कहना था उसके द्वारा रिश्वत मांगी गई है । रिश्वत कांड पर डॉ संजय मिश्रा का कहना है की वह लोकायुक्त की कार्यवाही है उसमें किसी को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है वह कानूनी प्रक्रिया है और वह चलेगी । लेकिन इसी बीच राकेश विश्वकर्मा द्वारा डॉ संजय मिश्रा के ऊपर यह आरोप लगाई गये वे राकेश को धमकी दे रहे हैं कि अगर केस वापस नहीं लगे तो तुम्हारी पत्नी को राज्य के बाहर ट्रांसफर करा दिया जाएगा ' ।
यहां पर डॉक्टर संजय मिश्रा का कहना है कि उनके द्वारा केवल राकेश विश्वकर्मा जो अपने आप को पत्रकार कहता है उसे उन्होंने यही कहा था कि कोई भी कागज अगर तुमको नहीं मिलता है तो तुम मेरे से बात कर सकते हो या अपील में आ सकते हो ।
इसी बात को लेकर राकेश विश्वकर्मा द्वारा डॉक्टर संजय मिश्रा के ऊपर झूठा आरोप लगाया जा रहा है कि वह लोकायुक्त से केश वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं ।

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