भारत का वैश्विक कूटनीतिक अभियान: 7 प्रतिनिधिमंडल, 1 मिशन – पाकिस्तान के आतंकवाद संबंधों को उजागर करने की कवायद
प्रथम टुडे Rastriy :-- केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के आतंकवाद को समर्थन देने वाले रवैये को वैश्विक मंच पर उजागर करने के लिए एक बड़ा कूटनीतिक अभियान शुरू किया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत 7 सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल 30 से अधिक देशों का दौरा करेंगे। यह अभियान 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले और 7 मई को भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद शुरू किया गया है।
"एक मिशन, एक संदेश, एक भारत"
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 17 मई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पूरी सूची साझा करते हुए कहा, “एक मिशन। एक संदेश। एक भारत। सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही ऑपरेशन सिंदूर के तहत प्रमुख देशों से संवाद करेंगे, जो आतंकवाद के खिलाफ हमारे सामूहिक संकल्प को दर्शाता है।”
प्रमुख प्रतिनिधिमंडल और उनके नेतृत्व:
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समूह 1: भाजपा सांसद बैजयंत पांडा के नेतृत्व में सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और अल्जीरिया का दौरा करेगा। इसमें AIMIM और अन्य दलों के सांसद, साथ ही पूर्व राजनयिक हर्ष श्रृंगला भी शामिल हैं।
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समूह 2: भाजपा के रविशंकर प्रसाद की अगुवाई में यूके, फ्रांस, जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों का दौरा। इसमें शिवसेना (उबठा) की प्रियंका चतुर्वेदी और पूर्व मंत्री एमजे अकबर भी शामिल हैं।
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समूह 3: जदयू के संजय कुमार झा के नेतृत्व में इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान और सिंगापुर का दौरा। इसमें भाजपा, तृणमूल कांग्रेस, सीपीआई (एम) और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद शामिल हैं।
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समूह 4: शिवसेना सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में यूएई, लाइबेरिया, कांगो और सिएरा लियोन का दौरा करेगा। इसमें IUML और बीजेडी के सांसद शामिल हैं।
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समूह 5: कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अगुवाई में अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया की यात्रा की जाएगी। इसमें भाजपा, टीडीपी और झामुमो के नेता भी शामिल हैं।
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समूह 6: डीएमके की सांसद कनिमोई के नेतृत्व में रूस, स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया और लातविया जाएंगे। इसमें आप, सपा और नेशनल कांफ्रेंस के नेता भी भाग लेंगे।
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समूह 7: एनसीपी (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले के नेतृत्व में मिस्र, कतर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया जाएगा। पूर्व राजनयिक सैयद अकबरुद्दीन भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं।
कांग्रेस की नाराज़गी:
कांग्रेस ने प्रतिनिधियों के चयन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस द्वारा सुझाए गए चार नामों में से केवल आनंद शर्मा को ही शामिल किया गया है, बाकी अनदेखी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार "राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर सस्ती राजनीति कर रही है।"
हालांकि सरकार ने शशि थरूर, मनीष तिवारी, अमर सिंह और सलमान खुर्शीद जैसे कांग्रेस नेताओं को भी चुना है, जो पार्टी द्वारा सुझाए गए नामों में नहीं थे। केरल कांग्रेस ने थरूर के शामिल होने पर खुद को इससे अलग बताया है, जबकि थरूर ने अपने फैसले का बचाव करते हुए इसे गैर-राजनीतिक बताया।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया:
पाकिस्तान ने भी भारत के अभियान का मुकाबला करने के लिए अपने वैश्विक कूटनीतिक अभियान की घोषणा की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पीपीपी नेता बिलावल भुट्टो जरदारी की बातचीत के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और ब्रसेल्स में प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया है।
बिलावल ने कहा, “यह जिम्मेदारी पाकर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं और पाकिस्तान की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हूं।”
टीएमसी की नई घोषणा:
टीएमसी ने 20 मई को घोषणा की कि पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी अब प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे। पहले चुने गए यूसुफ पठान ने 19 मई को ममता बनर्जी के कहने पर इनकार कर दिया था।
टीएमसी ने एक्स पर लिखा, “हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की वैश्विक मुहिम में तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने के लिए राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को नामित किया है।”
यह अभियान भारत की आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुटता दिखाने की कोशिश है, जहां कूटनीति को एक मजबूत हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

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