Update [19/5, 08:11] Anurag Dixit:pratham roday
प्रथम टुडे जबलपुर :--- शादी का सीजन शुरू होते ही शहर वासियों को सड़कों पर लग रही बारात और पार्टीयों के कारण जाम से भी जूझना पड़ता है । यहां तक की अगर किसी को अपने घर से स्टेशन जाना है तो लोग दो-दो घंटे पहले स्टेशन के लिए निकलते हैं कि कहीं रास्ते में अगर जाम में फंस गए तो गाड़ी छूटना निश्चित है । वहीं कई बार तो ऐसी भी स्थिति देखी गई है कि एंबुलेंस भी इन बरतों के बीच में सड़कों पर फंस जाती है । इसके साथ ही जगह-जगह कॉलोनी मे बने बारात घर और होटल वालों की मनमानी के चलते आम लोग शादी के शुभ मुहूर्त में भारी परेशानी का सामना करते है । ना पार्किंग की व्यवस्था है ना ही किसी प्रकार के सुरक्षा के साधन लेकिन खुल गए हैं बड़े-बड़े बारात घर और होटल
कॉलोनी में बारात घर और होटल वालों की मनमर्जी
आलम यह है कि कॉलोनीयों में बनी बारात घर और मैरिज गार्डन कॉलोनी वासियों के लिए अब सर दर्द बनते जा रहे हैं । इन बारात घरों में पार्किंग की व्यवस्था नजर नहीं आती, वही ध्वनि प्रदूषण से भी लोग परेशान हैं, इसके साथ ही यहां जो लोग आते हैं उनकी शराबखोरी के कॉलोनी के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है । इसके अलावा कई होटलों में खुद की पार्किंग की व्यवस्था नहीं है जिस कारण यहां होने वाली शादियों में आने वाले लोग अपने- अपने वाहन सड़क में जहां जगह मिलती है वहां खड़े कर देते हैं। बस फिर क्या एक यही मुख्य वजह जाम की बन जाती है। जानकारी के अनुसार बड़े बारात घरों में एक ही समय में दो-दो बारातें लगतीं हैं तो हालात और भी बिगड़ जाते हैं।
यह वह व्यस्ततम सड़के जहां लगता है अक्सर जाम
जानकारी के अनुसार ग्वारीघाट रोड, मेडिकल मार्ग, अधारताल, दमोहनाका, आगा चौक, मालवीय चौक, घमापुर, अहिंसा चौक, एमआर-4 रोड, गढ़ा, मदनमहल, पुराना माढ़ोताल तिराहा, दीनदयाल चौक में हालात और बेकाबू हो जाते हैं उधर तिलवारा भेड़ाघाट, बरेला, गौर और पनागर के समीप बने मैरिज हॉल के कारण हाईवे से बारात निकलने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग जातीं हैं जिस कारण लंबे जाम के हालात निर्मित हो जाते हैं।
हम तो सड़क पर ठुमके लगायेंगे जाम लगे तो लगे
बारात शुरू होते ही पूरी खुमारी में कुछ लोग इसमें ठुमके लगाने में व्यस्त हो जाते हैं और पीछे जाम लगे या सड़क पर जाम लगे इसे इसको किसी प्रकार का कोई मतलब नहीं । शाम होते ही धमाचौकड़ी सड़कों पर शुरू हो जाती है। सड़कों पर घर के आंगन की तरह निर्भीक होकर नाच रहे दूल्हे के रिश्तेदार और दोस्तों के कारण सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहते है। लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जाता। कई कई बार तो आतिशबाजी के दौरान सड़क पर मौजूद अन्य वाहन चालकों का बारातियों से विवाद तक होने लगता है। आपको बता दें कि शहर के अधिकांश मैरिज गार्डनों व
प्रशासन की अनदेखी के चलते नियमों को तक पर रखा
इसके पहले लगातार प्रशासन को जब शिकायत मिली थी एवं कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने सभी बारात घर वालों को आदेशित किया था कि वह पार्किंग व्यवस्था, बारात घरों में डीजे और तेज साउंड में किसी भी प्रकार के कार्यक्रम नहीं करें । कुछ दिन तो इसका पालन होता दिखा लेकिन धीरे-धीरे अब नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं कॉलोनी के मैरिज गार्डन और बारात घर प्रशासन की अगर बात करें तो प्रशासन को इससे कोई मतलब नहीं की बारात घर वाले और मैरिज गार्डन वाले किस तरह लोगों को परेशान कर रहे हैं । सूत्रों के अनुसार प्रशासन के लोगों को तो मतलब है कि जब उनके यहां किसी प्रकार का शुभ मुहूर्त में इन बारात घरों की जरूरत हो तो उनको जरूर इसका फायदा मिल जाता है

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