एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर अभियान तेज, लॉर्डगंज थाना पुलिस की दो दिन से लगातार कार्रवाई
जबलपुर। शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था, मनमाने ढंग से ई-रिक्शा खड़े करने और सड़क पर आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले चालकों के खिलाफ पुलिस ने अब सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के निर्देश पर जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने के लिए प्रभावी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसी क्रम में शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
लॉर्डगंज थाना पुलिस की लगातार कार्रवाई
अभियान के तहत लॉर्डगंज थाना पुलिस ने थाना प्रभारी नवल आर्य के निर्देश पर पिछले दो दिनों से ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान थाना परिसर में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा पहुंचने से ऐसा नजारा दिखाई दिया, मानो थाने में ई-रिक्शा चालकों का मेला लगा हो। पुलिस ने करीब 50 ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी।
पुलिस की कार्रवाई देखकर कुछ चालक मौके से भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया और थाने लाकर नियमानुसार कार्रवाई की। चालानी कार्रवाई के साथ ही चालकों को समझाइश भी दी गई कि वे सड़क पर यातायात बाधित न करें, निर्धारित स्थानों पर ही वाहन खड़े करें और ई-रिक्शा का संचालन व्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से करें।
गंजीपुरा से तुलाराम चौक तक मिल रही थीं शिकायतें
थाना प्रभारी नवल आर्य के अनुसार, लॉर्डगंज थाना क्षेत्र के गंजीपुरा, बड़ा फव्वारा, मछराई, अंधेरदेव और तुलाराम चौक सहित कई स्थानों से ई-रिक्शा चालकों की मनमानी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई चालक सड़क के बीचों-बीच या दुकानों के सामने वाहन खड़े कर देते थे, जिससे यातायात प्रभावित होने के साथ ही पैदल चलने वाले लोगों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
कुछ ई-रिक्शा चालकों द्वारा बिना पर्याप्त लाइट के रात में वाहन चलाने की शिकायतें भी सामने आई थीं। ऐसे वाहनों से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान इन कमियों को भी गंभीरता से लिया और चालकों को सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करने की समझाइश दी।
दुकानदारों और आम जनता ने जताई राहत
ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से सबसे अधिक परेशानी आम नागरिकों और व्यापारियों को हो रही थी। दुकानों के सामने ई-रिक्शा खड़े रहने से ग्राहकों का आवागमन प्रभावित होता था। कई बार दुकानदारों द्वारा वाहन हटाने के लिए कहने पर विवाद की स्थिति भी बन जाती थी।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान क्षेत्र के लोगों और व्यापारियों ने राहत महसूस की। उनका कहना था कि यदि ई-रिक्शा चालक यातायात नियमों का पालन करें और निर्धारित स्थानों पर ही वाहन खड़े करें, तो शहर की यातायात व्यवस्था काफी हद तक सुधर सकती है।
विरोध के बीच पुलिस ने जारी रखी कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान कुछ ई-रिक्शा चालकों ने विरोध जताते हुए कहा कि वे लघु उद्योग के अंतर्गत आते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी वाहन चालक को यातायात नियमों का उल्लंघन करने की छूट नहीं दी जा सकती। पुलिस ने नियमों के अनुसार चालानी कार्रवाई जारी रखी और चालकों को भविष्य में मनमानी न करने की हिदायत दी।
पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य ई-रिक्शा चालकों को परेशान करना नहीं, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करना, आम जनता को राहत देना और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आने वाले दिनों में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

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