जबलपुर।
शहर में पानी की किल्लत, जलभराव, सफाई व्यवस्था और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस ने नगर निगम का जोरदार घेराव किया। पूर्व विधानसभा क्षेत्र के विधायक लखन घनघोरिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता नगर निगम पहुंचे और नगर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन के दौरान विधायक घनघोरिया ने नगर निगम की कार्यप्रणाली, महापौर परिषद और प्रदेश सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले बोलते हुए कहा कि शहर की बदहाल व्यवस्था के लिए पूरी तरह नगर निगम और भाजपा सरकार जिम्मेदार है।
'ट्रिपल इंजन सरकार' पर कसा तंज, महापौर को भी घेरा
अपने संबोधन में विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि भाजपा हमेशा ट्रिपल इंजन सरकार की बात करती है, लेकिन "एक इंजन तो हमारा चुराकर ले गए।" उनका इशारा वर्तमान महापौर की ओर था, जो कांग्रेस से चुनाव जीतने के बाद भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने कहा कि जबलपुर में जनता ने जिस विश्वास के साथ जनप्रतिनिधियों को चुना था, उस विश्वास को तोड़ा गया है और आज शहर अव्यवस्थाओं का शिकार है।
"एमआईसी चार लोगों के भरोसे, नगर निगम भगवान भरोसे"
घनघोरिया ने आरोप लगाया कि भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा जबलपुर नगर निगम में आज तक पूरी तरह एमआईसी (महापौर परिषद) का गठन नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि केवल चार सदस्यों के भरोसे नगर निगम चलाया जा रहा है, जिससे विकास कार्य ठप पड़े हैं और जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हो रही है।
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, खरीदी में घोटाले का दावा
विधायक ने नगर निगम में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि निगम में लूट का खुला खेल चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि लगभग 80 लाख रुपये मूल्य की मशीनों की खरीदी मात्र ढाई लाख रुपये में दर्शाकर अनियमितताएं की जा रही हैं। उनका आरोप था कि नगर निगम में जिस अधिकारी को जहां अवसर मिल रहा है, वह जनता के पैसों की बंदरबांट में लगा हुआ है।
नरोत्तम मिश्रा और कैलाश विजयवर्गीय पर भी साधा निशाना
अपने भाषण में घनघोरिया ने प्रदेश सरकार के वरिष्ठ नेताओं पर भी तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने कहा कि "एक रावण का अंत हो चुका है, दूसरे का होना बाकी है।" उन्होंने पहले कथन को पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा से जोड़ते हुए और दूसरा नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का जवाब समय आने पर जरूर देगी।
जल संकट और जलभराव को बताया सबसे बड़ी विफलता
विधायक ने कहा कि जबलपुर में सबसे बड़ी समस्या पेयजल व्यवस्था की है। शहर के अनेक वार्डों में लोग आज भी पानी के लिए भटक रहे हैं, जबकि दूसरी ओर हल्की बारिश में कई मोहल्ले जलमग्न हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम न तो समय पर जल निकासी की व्यवस्था कर पा रहा है और न ही नागरिकों को नियमित पेयजल उपलब्ध करा पा रहा है।
नालों पर अतिक्रमण और पुलिया चौड़ीकरण का मुद्दा उठाया
घनघोरिया ने कहा कि शहर के प्रमुख नाले, जो कभी 80-80 फीट चौड़े हुआ करते थे, आज सिमटकर 12 से 15 फीट रह गए हैं। इसके कारण थोड़ी सी बारिश में पूर्व विधानसभा के कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। उन्होंने गोहलपुर क्षेत्र की उस पुलिया का भी उल्लेख किया, जिसके चौड़ीकरण की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप प्रतिदिन लंबा जाम और नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पश्चिम विधानसभा और मंत्री राकेश सिंह पर भी हमला
विधायक ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का नाम लिए बिना कहा कि सरकार का केंद्र यदि पश्चिम विधानसभा है, तो वहां भी लोग पानी के लिए परेशान हैं। उन्होंने कहा, "मैं पूर्व का विधायक हूं और सूरज पूर्व से निकलता है, पश्चिम में डूबता है। कहीं ऐसा न हो कि जनता आने वाले समय में पश्चिम की राजनीति को भी डुबो दे। पाप का घड़ा अब भर चुका है।"
11 महीने का अल्टीमेटम, चुनाव में जवाब देने की चेतावनी
अपने संबोधन के अंत में घनघोरिया ने कहा कि नगर निगम चुनाव में लगभग 11 महीने का समय बचा है। यदि नगर निगम और भाजपा सरकार ने अभी भी शहर की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से ऐसा सबक सिखाएगी जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष यश घनघोरिया, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष संजय यादव, वरिष्ठ नेता मोहम्मद कबीर सोनी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश यादव, कमलेश रावत, संजय साहू, सतीश तिवारी, मनीष चांसोरिया, जतिन राज, अयोध्या तिवारी, कमलेश यादव, संतोष पड़ा, गुलाम शेख, गुड्डू नबी, अतुल बाजपेई, टीकाराम, विवेक यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।
विश्लेषण
यह प्रदर्शन केवल नगर निगम के खिलाफ विरोध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस ने इसे आगामी नगर निगम चुनाव की राजनीतिक जमीन तैयार करने का मंच भी बनाया। पानी, जलभराव, सफाई और कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को आक्रामक ढंग से उठाकर कांग्रेस ने भाजपा और नगर निगम प्रशासन को सीधे निशाने पर लिया। अब देखना होगा कि नगर निगम और सत्तापक्ष इन आरोपों का क्या जवाब देते हैं और शहर की समस्याओं के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

No comments:
Post a Comment