जबलपुर। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान संचालित किया जा रहा है। लगभग 15 दिनों तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत रोस्टर तैयार किया है, जिसके अनुसार प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर विशेष जांच और कार्रवाई की जा रही है।
शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी
अभियान के दौरान पुलिस का मुख्य फोकस स्कूलों और कॉलेजों के आसपास के क्षेत्रों पर रखा गया है। छात्रों को नशे की लत से बचाने के उद्देश्य से शिक्षण संस्थानों के आसपास नियमित निगरानी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शैक्षणिक वातावरण को सुरक्षित और नशामुक्त बनाए रखना अभियान की प्राथमिकता है।
COTPA के तहत होगी सख्त कार्रवाई
सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के प्रावधानों के अनुसार स्कूल और कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले दुकानदारों एवं गुमटी संचालकों पर तत्काल 200 रुपये का चालान किया जाएगा। साथ ही प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों को जब्त कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
विशेष टीमों का गठन, बेलबाग से हुई शुरुआत
अभियान के सफल संचालन के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से एक मल्टी-स्टेकहोल्डर बैठक आयोजित की गई, जिसके बाद विशेष टीमों का गठन किया गया। फिलहाल कार्रवाई की शुरुआत बेलबाग क्षेत्र से की गई है। आगामी दिनों में यह अभियान रानीताल चौराहा सहित शहर के प्रमुख चौराहों, स्कूलों और कॉलेजों के आसपास भी चलाया जाएगा।
अभियान समाप्त होने के बाद भी जारी रहेगी निगरानी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल औपचारिक अभियान नहीं है। अभियान की अवधि पूरी होने के बाद भी शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नियमित निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखते हुए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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