जबलपुर । गोहलपुर थाना पुलिस ने मानवीय संवेदना और त्वरित कार्रवाई का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। सोमवार शाम स्कूल से घर लौटते समय रास्ता भटक गई एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची को पुलिस ने तत्परता और सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल से महज कुछ ही घंटों में सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचा दिया।
तिराहे पर रोती मिली मासूम, नहीं बता पा रही थी घर का पता
गोहलपुर थाना प्रभारी रीतेश पाण्डे ने बताया कि सोमवार शाम पुलिस को गोहलपुर तिराहे के पास एक बच्ची के लावारिस हालत में रोने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्ची को दुलारा, उसे ढांढस बंधाया और सुरक्षित थाने लेकर आई।
पूछताछ में बच्ची ने अपना नाम वैष्णवी (पिता राजू कोरी, माता अनीता कोरी और भाई विनायक) तो बताया, लेकिन डर और कम उम्र के कारण वह अपने घर का सटीक पता बताने में असमर्थ थी।
सोशल मीडिया और कंट्रोल रूम का एक्शन प्लान आया काम
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) जबलपुर सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) के निर्देश पर तुरंत एक सर्च अभियान शुरू किया गया:
- कंट्रोल रूम अलर्ट: सबसे पहले कंट्रोल रूम के जरिए शहर और देहात के सभी थानों को बच्ची के संबंध में वायरलेस मैसेज फ्लैश किया गया।
- डिजिटल पहुंच: जबलपुर पुलिस के आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप्स और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्ची की तस्वीर के साथ जानकारी तेजी से शेयर की गई।
- स्थानीय नेटवर्क: स्थानीय लोगों और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।
कटरा अधारताल से दौड़ते हुए थाने पहुंचे पिता
पुलिस की यह त्वरित डिजिटल मुहिम रंग लाई। सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के जरिए जैसे ही जानकारी परिजनों तक पहुंची, बच्ची के पिता राजू कोरी (निवासी कटरा अधारताल) बदहवास हालत में गोहलपुर थाने पहुंचे। उन्होंने बच्ची की पहचान अपनी बेटी वैष्णवी के रूप में की। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने वैष्णवी को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। पिता की आंखों से आंसू छलक आए और उन्होंने जबलपुर पुलिस का सहृदय आभार व्यक्त किया।
पुलिस की अभिभावकों को सलाह:
"बच्ची स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौटते समय रास्ता भूल गई थी और भटकते हुए गोहलपुर आ पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाइश दी है कि वे छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान दें। बच्चों के बैग में या उनकी जेब में एक आईडी कार्ड या परिजनों का मोबाइल नंबर और घर का पता लिखकर जरूर रखें, ताकि ऐसी स्थिति में तुरंत संपर्क किया जा सके।" - रीतेश पाण्डे, थाना प्रभारी, गोहलपुर
मुख्य भूमिका: इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी रीतेश पाण्डे, गोहलपुर थाने के स्टाफ और जबलपुर पुलिस के सोशल मीडिया सेल की विशेष भूमिका रही।

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