जबलपुर आने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट में सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। घटना को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने पुलिस प्रशासन और एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पीड़ित पक्ष को घंटों थाने में बैठाए रखा गया, जबकि आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं की गई।
विमान से उतरते समय हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब इंडिगो की फ्लाइट जबलपुर एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद यात्री विमान से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान एक सहयात्री ने कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। बताया जा रहा है कि उस समय अधिवक्ता अपनी गोद में करीब तीन वर्षीय बच्चे को लिए हुए थे।
सांसद विवेक तन्खा ने उठाए सवाल
राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए इस घटना को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सभी के सामने एक यात्री के साथ मारपीट हुई, तो आरोपी को एयरपोर्ट पर ही रोककर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
पुलिस के रवैये पर नाराजगी
तन्खा ने आरोप लगाया कि आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित वरिष्ठ अधिवक्ता और उनके साथ मौजूद तीन वर्षीय बच्चे को करीब चार घंटे तक खमरिया थाने में बैठाए रखा गया। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को संवेदनहीन और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
आधिकारिक बयान का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस प्रशासन और इंडिगो एयरलाइन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
यात्री सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर एयरपोर्ट और विमान के भीतर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि विमान के भीतर या विमान से उतरने के दौरान होने वाले विवादों में त्वरित हस्तक्षेप और निष्पक्ष कार्रवाई यात्रियों में सुरक्षा का भरोसा बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

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