जबलपुर के कांचघर से लेकर घमापुर तक का इलाका पिछले कई दिनों से भीषण जल संकट से जूझ रहा है। तपती गर्मी में हजारों लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। एक ओर नगर निगम हर साल गर्मियों से पहले बेहतर जलापूर्ति के बड़े-बड़े दावे करता है, तो दूसरी ओर हकीकत यह है कि लोग पीने के पानी के लिए भी भटकने को मजबूर हैं। पानी की किल्लत से नाराज लोगों ने क्षेत्रीय विधायक लखन घनघोरिया के नेतृत्व में संभागीय कार्यालय क्रमांक-9 का घेराव कर मटके फोड़े और नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
कई दिनों से सूखे नल, बढ़ती जा रही परेशानी
कांचघर से घमापुर तक के कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति ठप पड़ी हुई है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को पीने और रोजमर्रा के उपयोग के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। कई परिवारों का कहना है कि उन्हें दूर-दराज के इलाकों से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं।
हर साल वही वादे, हर गर्मी में वही संकट
नगर निगम हर वर्ष गर्मी शुरू होने से पहले जल संकट से निपटने के लिए तमाम दावे और योजनाओं की घोषणा करता है, लेकिन जमीनी स्थिति हर बार इन दावों की पोल खोल देती है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि हर साल गर्मी के मौसम में यही हालात बन जाते हैं।
मटके फूटे, निगम कार्यालय का घेराव
पानी की समस्या से नाराज हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। क्षेत्रीय विधायक लखन घनघोरिया के नेतृत्व में संभागीय कार्यालय क्रमांक-9 का घेराव किया गया और प्रदर्शनकारियों ने मटके फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। लोगों ने नारेबाजी करते हुए तत्काल जलापूर्ति बहाल करने की मांग की।
टैंकरों की सप्लाई पर गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पानी के टैंकर तो भेजे जा रहे हैं, लेकिन उनका लाभ आम नागरिकों तक नहीं पहुंच रहा। लोगों का कहना है कि टैंकरों का पानी कथित रूप से जनप्रतिनिधियों के करीबी लोगों और समर्थकों तक ही सीमित रह जाता है, जबकि आम नागरिक केवल इंतजार करते रह जाते हैं।
'फोन तक नहीं उठाते पार्षद'
आंदोलन में शामिल कई लोगों ने आरोप लगाया कि पानी की समस्या को लेकर संपर्क करने पर कुछ पार्षद फोन तक नहीं उठाते। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि आंदोलनों में तो नजर आते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए अपेक्षित सक्रियता दिखाई नहीं देती।
विधायक की चेतावनी
क्षेत्रीय विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि किसी भी हालत में क्षेत्रवासियों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो नगर निगम के मुख्य कार्यालय का घेराव कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जनता का सवाल
कांचघर से घमापुर तक के लोग पूछ रहे हैं कि जब नगर निगम, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न स्तरों पर टैंकरों की व्यवस्था मौजूद है, तो फिर आम नागरिकों को पानी के लिए सड़कों पर उतरने की नौबत क्यों आ रही है? आखिर हर साल गर्मी में प्यास से जूझती जनता को सिर्फ आश्वासन ही क्यों मिलता है? अब लोगों को वादों से नहीं, अपने घरों तक पानी पहुंचने का इंतजार है।

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