फिरोजाबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक Mohan Bhagwat की यात्रा के दौरान लखनऊ-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव की घटना सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। घटना में ट्रेन के एक कोच का शीशा टूट गया, हालांकि किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।
फिरोजाबाद के पास हुई घटना
जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब 7:45 बजे 12003 अप लखनऊ-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस एतावा-टूंडला रेलखंड पर स्थित पेमेश्वर गेट पुल के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने ट्रेन पर पत्थर फेंक दिया। पत्थर सीधे कोच की खिड़की पर लगा, जिससे उसका शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। उस समय ट्रेन में RSS प्रमुख मोहन भागवत भी सवार थे।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्र की तलाशी ली तथा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान कुछ कबाड़ बीनने वाले बच्चे कैमरों में दिखाई दिए। फुटेज में एक किशोर को ट्रेन की ओर पत्थर फेंकते हुए देखा गया। इसके बाद पुलिस ने दो किशोरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
Z+ सुरक्षा घेरे में रहते हैं मोहन भागवत
RSS प्रमुख मोहन भागवत देश के अति विशिष्ट व्यक्तियों में शामिल हैं और उन्हें केंद्र सरकार द्वारा Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। इस सुरक्षा व्यवस्था में कई स्तरों का सुरक्षा घेरा होता है, जिसमें प्रशिक्षित कमांडो, स्थानीय पुलिस, खुफिया एजेंसियों की निगरानी तथा यात्रा मार्ग की अग्रिम सुरक्षा जांच शामिल रहती है। सड़क मार्ग हो या रेल यात्रा, सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही संबंधित क्षेत्र का सुरक्षा मूल्यांकन करती हैं।
घटना ने खड़े किए सुरक्षा संबंधी सवाल
हालांकि प्रारंभिक जांच में घटना शरारतन पथराव की प्रतीत हो रही है, लेकिन जिस ट्रेन में देश के सबसे प्रमुख सामाजिक संगठनों में से एक के प्रमुख यात्रा कर रहे हों, उस पर पथराव की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना पूरी तरह आकस्मिक थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
रेलवे ने जताई चिंता
रेलवे प्रशासन ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा है कि चलती ट्रेनों पर पथराव न केवल यात्रियों की जान को जोखिम में डालता है, बल्कि रेल संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित करता है। रेलवे ने लोगों से ऐसी घटनाओं से बचने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने की अपील की है।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस, जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। हिरासत में लिए गए किशोरों से पूछताछ जारी है और सीसीटीवी सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

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