जबलपुर। भाजपा विधायक संजय पाठक से संबंधित एक मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। कटनी के पूर्व आर्म्स डीलर नाजिम खान द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने स्वयं को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया। इसके बाद अब यह प्रकरण हाईकोर्ट की किसी अन्य पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
मानहानि और एफआईआर को लेकर दायर की गई है याचिका
जानकारी के अनुसार कटनी निवासी नाजिम खान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि एक सार्वजनिक इंटरव्यू के दौरान विधायक संजय पाठक द्वारा उनके संबंध में ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिनसे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। याचिका में इन कथित बयानों को मानहानिकारक बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर खटखटाया अदालत का दरवाजा
याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने मामले को लेकर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें सौंपी थीं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। एफआईआर दर्ज न होने के कारण उन्होंने न्यायालय की शरण लेते हुए हस्तक्षेप की मांग की है।
कानूनी नोटिस भेजे जाने का भी उल्लेख
याचिका में यह भी कहा गया है कि विवादित इंटरव्यू के प्रसारण से पूर्व विधायक को विधिक नोटिस भेजा गया था। नोटिस में कथित रूप से लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की गई थी। इसके बावजूद मामला आगे बढ़ने पर न्यायालय का रुख किया गया।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा घटनाक्रम
बताया जा रहा है कि विधायक संजय पाठक से जुड़े एक अन्य प्रकरण में भी पूर्व में न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया था। ऐसे में वर्तमान मामले में भी उनके अलग होने को लेकर कानूनी गलियारों में चर्चा बनी हुई है।
अब दूसरी बेंच में होगी सुनवाई
न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा द्वारा स्वयं को अलग किए जाने के बाद संबंधित याचिका अब नई पीठ के समक्ष सूचीबद्ध की जाएगी। संभावना है कि अगले सप्ताह मामले की सुनवाई के लिए नई तारीख निर्धारित की जाए, जिसके बाद प्रकरण में आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू होगी।
मामले पर बनी हुई है नजर
राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस मामले पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है। अब नई पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा दिए जाने वाले निर्देशों पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।

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