आयुष्मान भारत मिशन के सीईओ बने, जबलपुर में स्मार्ट सिटी कार्यकाल और पूर्व प्रशासनिक विवादों को लेकर फिर शुरू हुई अटकलें
जबलपुर स्मार्ट सिटी और नगर निगम में लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने वाले आईएएस अधिकारी अरविंद शाह के भोपाल तबादले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राज्य शासन ने उन्हें आयुष्मान भारत मिशन का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है, जिसे एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। वहीं शहर में उनके कार्यकाल के दौरान हुए कुछ चर्चित घटनाक्रमों को लेकर भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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राज्य शासन के हालिया तबादला आदेश के तहत आईएएस अधिकारी अरविंद शाह को आयुष्मान भारत मिशन का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसे प्रशासनिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पदस्थापना माना जा रहा है। हालांकि जबलपुर में उनके स्थानांतरण के साथ ही उनके कार्यकाल से जुड़े पुराने घटनाक्रम एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
अरविंद शाह के कार्यकाल में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, शहरी अधोसंरचना विकास और नगर निगम की कई योजनाओं को गति देने के प्रयास किए गए। कई परियोजनाओं में प्रगति भी दर्ज की गई, जिसके कारण उन्हें एक सक्रिय प्रशासनिक अधिकारी के रूप में देखा गया।
इसी कार्यकाल के दौरान स्मार्ट सिटी में कार्यरत एक महिला कर्मचारी के प्रशासनिक मामले को लेकर तत्कालीन स्मार्ट सिटी प्रबंधन और प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह के बीच सार्वजनिक मतभेद सामने आए थे। यह मामला उस समय प्रदेश स्तर तक चर्चा का विषय बना था और आईएएस एसोसिएशन की प्रतिक्रिया भी सामने आई थी। हालांकि बाद में मामला शांत हो गया और शासन की ओर से इस संबंध में कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया।
अब उनके भोपाल स्थानांतरण के बाद प्रशासनिक गलियारों में विभिन्न तरह की चर्चाएं सुनाई दे रही हैं। कुछ अधिकारी और कर्मचारी इसे सामान्य प्रशासनिक फेरबदल मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग पुराने घटनाक्रमों के संदर्भ में भी इसे जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इन चर्चाओं की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
शासन के तबादला आदेश में स्थानांतरण का कोई विशेष कारण उल्लेखित नहीं किया गया है। प्रशासनिक विशेषज्ञों का भी मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले शासन की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं और उन्हें केवल चर्चाओं के आधार पर किसी विशेष कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा।
फिलहाल अरविंद शाह भोपाल में नई जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि जबलपुर में उनके कार्यकाल की उपलब्धियों और विवादों—दोनों को लेकर चर्चा का दौर जारी है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि तबादले के पीछे कोई विशेष कारण था, क्योंकि उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेज इसे एक सामान्य प्रशासनिक निर्णय ही दर्शाते हैं।

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