स्कॉर्पियो में मृत होने वाले व्यक्तियों के नाम सभी हरियाणा के
परवीन शर्मा
जिला – भिवानी
हरियाणा
गांव – बोंड कलां
मोनू शर्मा
जिला – भिवानी
हरियाणा
गांव – खेड़ी बुरा
जबलपुर। बरेला थाना क्षेत्र अंतर्गत शारदा मंदिर के समीप शनिवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार डंपर ने सामने से आ रही एक कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार डंपर के अगले हिस्से के नीचे फंस गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद भी डंपर चालक ने वाहन नहीं रोका। कार डंपर में फंसी रही और करीब आधा किलोमीटर तक सड़क पर घिसटती चली गई। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाकर चालक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार वाहन दौड़ाता रहा।
घटनास्थल से कुछ दूरी पर घिसट रही कार एक अन्य वाहन से जा टकराई। टक्कर के तुरंत बाद कार में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। कार में सवार दोनों व्यक्तियों को बाहर निकलने का अवसर तक नहीं मिल सका और वे वाहन के अंदर ही फंस गए।
हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी विकराल हो चुकी थी कि किसी को बचाया नहीं जा सका। कुछ ही मिनटों में कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई और दोनों लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने शवों को बाहर निकलवाकर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है तथा मृतकों की पहचान और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
ब्लैक स्पॉट पर फिर उठे सवाल
जिस स्थान पर यह हादसा हुआ है, उसे लंबे समय से दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट माना जाता रहा है। इस क्षेत्र में पूर्व में भी कई गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें अनेक लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय नागरिक लगातार यहां सुरक्षा उपाय बढ़ाने, यातायात सुधार और सड़क संरचना में बदलाव की मांग करते रहे हैं।
पुलिस और प्रशासनिक बैठकों में भी इस ब्लैक स्पॉट को लेकर कई बार चर्चा हो चुकी है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा यहां सुधारात्मक कार्य, सुरक्षा संकेतक, यातायात नियंत्रण और अन्य व्यवस्थाएं लागू करने की बात कही गई थी ताकि दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी और स्थायी व्यवस्था दिखाई नहीं दी है।
शनिवार को हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने के लिए घोषित योजनाएं कब धरातल पर उतरेंगी और कब तक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी।

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