राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित हजारों लोगों ने किया सामूहिक योग, बच्चों के आकर्षक योगासनों ने बांधा समां
जबलपुर बना राष्ट्रीय योग का केंद्र
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार सुबह जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने हजारों नागरिकों के साथ सामूहिक योग कर स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, विद्यार्थी, सामाजिक संगठन एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया राष्ट्रपति का स्वागत
कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि, सांसद आशीष दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। स्वागत के दौरान पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
योग के माध्यम से दिया स्वस्थ भारत का संदेश
स्वागत के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं अन्य अतिथियों के साथ सामूहिक योग सत्र में भाग लिया। प्रशिक्षकों के निर्देशन में सभी ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम किए। गैरिसन ग्राउंड में हजारों लोगों द्वारा एक साथ योग करने का दृश्य अनुशासन, स्वास्थ्य और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा का प्रतीक बन गया।
योग भारत की अमूल्य धरोहर, स्वस्थ जीवन का सबसे प्रभावी माध्यम : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत के ऋषि-मुनियों की वर्षों की साधना, तपस्या और ज्ञान का अमूल्य प्रसाद है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने के साथ प्रकृति से जुड़ने का सशक्त माध्यम है। योग व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि जब भी उन्हें विदेश जाने का अवसर मिलता है, वहां के लोग भारतीय योग के बारे में बड़ी उत्सुकता से चर्चा करते हैं और इसकी विशेषताओं को जानना चाहते हैं। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है कि योग आज पूरी दुनिया में भारत की सांस्कृतिक पहचान और प्राचीन ज्ञान परंपरा का प्रतीक बन चुका है। भारत की इस अमूल्य विरासत को विश्वभर में सम्मान मिलते देख अत्यंत प्रसन्नता होती है।
उन्होंने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि इसे जीवन की नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से शांत और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनता है।
अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी से प्रतिदिन योग अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से हम स्वस्थ शरीर, शांत मन और सुंदर जीवन की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं तथा एक स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं।बच्चों ने शानदार योगासन कर बटोरीं तालियां
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने योग की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। कठिन एवं संतुलित योग मुद्राओं का प्रदर्शन कर बच्चों ने उपस्थित अतिथियों और नागरिकों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति को सभी ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।
राष्ट्रपति के साथ योग कर गौरवान्वित हुए जबलपुरवासी
गैरिसन ग्राउंड में बड़ी संख्या में पहुंचे जबलपुरवासियों ने भी राष्ट्रपति के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं अनुशासन के साथ योग कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया।
ऐतिहासिक बना अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। कार्यक्रम ने योग के माध्यम से स्वस्थ भारत, निरोग भारत और समृद्ध भारत का संदेश देते हुए जबलपुर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।

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