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Friday, June 26, 2026

25 लाख की वैक्सीन पर घोटाले का आरोप! कागजों में टीकाकरण, सवालों के घेरे में डॉ. आदर्श विश्नोई

 कागजों में टीकाकरण, बाजार में बिकी गरीब बेटियों की जिंदगी बचाने वाली डोज

जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल

जबलपुर जिले के पाटन विकासखंड में स्वास्थ्य विभाग का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि गरीब परिवारों की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए सरकार द्वारा मुफ्त उपलब्ध कराई गई करीब 25 लाख रुपये की गार्डासिल-4 वैक्सीन को लाभार्थियों तक पहुंचाने के बजाय खुले बाजार में बेच दिया गया।

1589 डोज का हिसाब गायब

जानकारी के अनुसार, 14 से 15 वर्ष की किशोरियों के लिए 1589 वैक्सीन डोज उपलब्ध कराई गई थीं। एक डोज की कीमत करीब 3,534 रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि इन वैक्सीन को वास्तविक लाभार्थियों को लगाने के बजाय सरकारी रिकॉर्ड में फर्जी प्रविष्टियां कर कागजों पर टीकाकरण दिखा दिया गया।

फर्जी सूची बनाकर रचा गया खेल

शिकायत में दावा किया गया है कि कुछ कर्मचारियों के माध्यम से फर्जी लाभार्थियों की सूची तैयार कर पोर्टल पर टीकाकरण दर्ज कर दिया गया। कई ऐसे बच्चों के नाम दर्ज किए गए, जिन्हें वास्तविक रूप से वैक्सीन लगाई ही नहीं गई। इस कथित फर्जीवाड़े का उद्देश्य रिकॉर्ड में सब कुछ सामान्य दिखाकर वैक्सीन के स्टॉक को गायब करना बताया जा रहा है।

98 पन्नों की शिकायत से मचा हड़कंप

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस संबंध में 98 पन्नों की विस्तृत शिकायत जिला प्रशासन को सौंपी गई है। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए 15 दिन की समय-सीमा तय की है। स्वास्थ्य विभाग में इस प्रकरण के सामने आने के बाद हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

आज मालवी चौक में धरना-प्रदर्शन

कथित वैक्सीन घोटाले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के नेता आशीष तिवारी ने इस पूरे प्रकरण को गरीब बच्चियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसी मुद्दे को लेकर आज मालवी चौक, जबलपुर में समाजवादी पार्टी द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी।

बीएमओ से मांगा गया जवाब

शिकायत में तत्कालीन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आदर्श विश्नोई पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सीएमएचओ द्वारा उन्हें नोटिस जारी कर बिंदुवार जवाब मांगा गया है। सूत्रों के मुताबिक यदि संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

अब सबसे बड़ा सवाल

सरकार ने जिन गरीब बेटियों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए मुफ्त वैक्सीन भेजी, यदि वही डोज भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई, तो यह केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि गरीब बच्चियों के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ का मामला है। अब सभी की नजरें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं कि दोषियों पर सिर्फ कार्रवाई का दिखावा होगा या वास्तव में जिम्मेदार लोगों तक कानून का हाथ पहुंचेगा।

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