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Tuesday, May 26, 2026

समर्पण कोचिंग की बड़ी सफलता: एमपी-पीएससी प्रारंभिक परीक्षा में आयुषी और ज्योति ने बढ़ाया दमोह का मान

 पूर्व कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की पहल बनी मिसाल, निःशुल्क कोचिंग से छात्राओं ने पहली कोशिश में पाई सफलता


दमोह।
जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्कालीन कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर द्वारा शुरू की गई निःशुल्क “समर्पण कोचिंग” अब सफलता की नई मिसाल बनती जा रही है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपी-पीएससी) राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के घोषित परिणामों में कोचिंग की दो छात्राओं आयुषी नामदेव और ज्योति यादव ने सफलता हासिल कर दमोह जिले का नाम रोशन किया है।

पूर्व कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जिले के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए नीट, जेईई तथा प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत की थी। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए एमपी-पीएससी की तैयारी के लिए भी “समर्पण कोचिंग” प्रारंभ की गई थी।

शुभारंभ पर प्रभारी मंत्री ने की थी सराहना

समर्पण कोचिंग सेंटर के शुभारंभ अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और आयुष विभाग मंत्री इंदर सिंह परमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा था कि जिस प्रकार से कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने नीट, जेईई, एमपी-पीएससी और पीएटी जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए योजना बनाई और उसे सफलता की ओर आगे बढ़ाया, वह सराहनीय प्रयास है।

उन्होंने कहा था कि जिले के गरीब और कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों की सबसे बड़ी चिंता को दूर करने का यह प्रयास बेहद प्रशंसनीय है।

सोशल मीडिया के माध्यम से हुए आवेदन

एमपी-पीएससी कोचिंग के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से गूगल फॉर्म जारी किए गए थे, जिनके जरिए पोस्ट ग्रेजुएट, ग्रेजुएशन एवं अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए। चयनित विद्यार्थियों की प्रवेश परीक्षा के बाद निःशुल्क कोचिंग शुरू की गई।

अगस्त माह से आदर्श महाविद्यालय में प्रारंभ हुई इस कोचिंग में विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन मिला। दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों के लिए वाहन व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई थी।

कलेक्टर स्वयं भी पढ़ाने जाते थे

सफल छात्राओं आयुषी नामदेव और ज्योति यादव ने अपनी सफलता का श्रेय पूर्व कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर एवं प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की डॉ. रश्मि जेता सहित सभी शिक्षकों को दिया। छात्राओं ने बताया कि सही मार्गदर्शन और व्यवस्थित तैयारी के कारण उन्हें पहली कोशिश में सफलता मिली।

उन्होंने बताया कि कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर स्वयं भी विद्यार्थियों को पढ़ाने आते थे। छात्राओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए केवल महानगर ही विकल्प नहीं हैं, बल्कि अच्छी शिक्षा और सही मार्गदर्शन सबसे महत्वपूर्ण है।

छोटे शहरों में प्रतिभाओं की नहीं है कमी: डॉ. रश्मि जेता

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की डॉ. रश्मि जेता ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए आधारभूत विषयों की स्पष्ट समझ बेहद जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि छोटे शहरों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही दिशा और उचित मार्गदर्शन की होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने शिक्षा के क्षेत्र में विशेष रुचि लेते हुए स्वयं विद्यार्थियों को पढ़ाया और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण विकसित करने का प्रयास किया। उनकी यह पहल विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए प्रेरणास्रोत है।

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