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Wednesday, May 27, 2026

जबलपुर में दो आदिवासी बहनों के अपहरण और यौन शोषण का सनसनीखेज मामला, पुलिस पर राजनीतिक दबाव में लीपापोती के आरोप

 


जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के बेलखेड़ा थाना क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। अनुसूचित जनजाति (गौंड) परिवार की दो सगी बहनों को शादी का झांसा देकर अगवा किए जाने और उनके साथ लंबे समय तक यौन शोषण किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है, वहीं स्थानीय पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।

तीन महीने तक बंधक बनाकर किया दुष्कर्म

पीड़िता ज्योति गौंड ने पुलिस महानिरीक्षक (IG) और पुलिस अधीक्षक (SP) को सौंपे गए शिकायती आवेदन में बताया कि आरोपी सुरेंद्र पटेल उसे 6 फरवरी 2026 को बहला-फुसलाकर गुजरात के सूरत ले गया। आरोप है कि वहां उसे करीब तीन महीने तक बंधक बनाकर रखा गया और लगातार शारीरिक शोषण किया गया। इतना ही नहीं, आरोपी ने उसके अश्लील वीडियो भी बनाए ताकि वह डर के कारण किसी से शिकायत न कर सके।

पीड़िता किसी तरह आरोपी के चंगुल से बचकर 26 मई को जबलपुर लौटी, जिसके बाद उसने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। शिकायत सामने आने के बाद से क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल है।

नाबालिग बहन अब भी आरोपी के कब्जे में

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि पीड़िता की 16 वर्षीय नाबालिग बहन पूजा गौंड अब भी आरोपी पक्ष के कब्जे में होने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, दूसरे आरोपी प्रशांत पटेल ने नाबालिग को अपने साथ रखकर जबरन मंदिर में शादी की और लगातार उसका यौन शोषण कर रहा है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी पक्ष लगातार उन्हें धमका रहा है कि यदि उन्होंने शिकायत वापस नहीं ली तो पूरे परिवार को जान से खत्म कर दिया जाएगा।

पुलिस पर निष्क्रियता और दबाव बनाने के आरोप

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद 7 फरवरी 2026 को बेलखेड़ा थाने में गुमशुदगी और BNS की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने आरोपियों की तलाश या घटना में इस्तेमाल वाहन क्रमांक MP20ZL4921 को जब्त करने जैसी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी पक्ष को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। पीड़ित परिवार का दावा है कि आरोपियों का संबंध भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल गुमास्ता के परिवार से होने के कारण स्थानीय पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने से बचती रही।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस उल्टा उन पर ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 में दर्ज शिकायत वापस लेने का दबाव बना रही थी और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी।

एडिशनल एसपी बोले — होगी निष्पक्ष जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने कहा है कि शिकायत के आधार पर एक विशेष पुलिस टीम तत्काल गुजरात के सूरत रवाना की जा रही है। पीड़िताओं का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में स्थानीय पुलिस की किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पीड़ित परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि पूरे मामले पर अब आम जनता और प्रशासन की नजरें टिकी हुई हैं।

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