जबलपुर में बढ़ते अपराधों के बीच कुछ पुलिस थाने ऐसे भी हैं जिन्होंने अपनी सक्रिय कार्यप्रणाली, लगातार गश्त और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के दम पर कानून व्यवस्था की नई मिसाल पेश की है। रांझी, माढ़ोताल और गोरखपुर थाना पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों, चोरी, चाकूबाजी और अवैध शराब कारोबारियों पर प्रभावी कार्रवाई कर अपराधियों में खौफ पैदा किया है। वहीं पुलिस और जनता के बीच बढ़ते संवाद ने लोगों में सुरक्षा और विश्वास की भावना को भी मजबूत किया है।ब
बढ़ते अपराधों के बीच कुछ थाने बने मिसालएक ओर जहां जबलपुर शहर में अपराध की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के कुछ थाने ऐसे भी हैं जिन्होंने लगातार प्रभावी कार्रवाई कर अपने क्षेत्रों में कानून व्यवस्था की मजबूत मिसाल पेश की है। इन थानों में पुलिस अधिकारियों की सक्रियता, जनता से संवाद और अपराधियों पर लगातार निगरानी का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों और असामाजिक तत्वों पर सख्ती के चलते कई क्षेत्रों में अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की जा रही है।
रांझी थाना बना सबसे बड़ी चर्चा का केंद्र
अगर सबसे पहले किसी थाने की चर्चा होती है तो वह है रांझी थाना। एक समय ऐसा था जब इस क्षेत्र में लगातार अपराध सामने आते थे और क्षेत्रवासी असुरक्षा महसूस करते थे, लेकिन जब से थाना प्रभारी उमेश गोहलानी ने थाने की कमान संभाली है तब से हालात तेजी से बदले हैं।
थाना प्रभारी उमेश गोहलानी ने सबसे पहले क्षेत्र के लोगों से सीधा संवाद बढ़ाने पर ध्यान दिया। उन्होंने आम नागरिकों, व्यापारियों और युवाओं के साथ लगातार बैठकें कर पुलिस और जनता के बीच विश्वास कायम किया। इसके साथ ही क्षेत्र में गश्त व्यवस्था को मजबूत किया गया और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए अलग टीम गठित की गई।
इसी का परिणाम है कि अब क्षेत्र में अपराधों में लगातार कमी देखी जा रही है। हाल के समय में जो कुछ घटनाएं सामने भी आई हैं, उनमें अधिकांश मामलों में अपराधी बाहरी क्षेत्र के पाए गए या फिर अचानक हुई घटनाएं थीं जिनमें अपराधियों का कोई पुराना रिकॉर्ड सामने नहीं आया।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि थाना प्रभारी ने जिस तरह से शांति व्यवस्था बनाए रखी है, उससे लोगों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है। अब लोग खुलकर पुलिस से संवाद कर रहे हैं और कानून व्यवस्था को लेकर संतुष्टि जता रहे हैं।
गोरखपुर थाना: अवैध शराब कारोबारियों पर बड़ा प्रहार
गोरखपुर थाना क्षेत्र लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतों को लेकर चर्चाओं में रहता था। खासकर नर्मदा किनारे अवैध शराब बेचने वालों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही थीं, जिससे क्षेत्र में अशांति का माहौल बनता जा रहा था।
लेकिन जब से सीएसपी एम. डी. नागोतिया ने कार्यभार संभाला है और उनके नेतृत्व में थाना प्रभारी नितिन कमल ने अभियान शुरू किया है, तब से अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ लगातार बड़ी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने क्षेत्र में अवैध रूप से शराब बेचकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने का काम किया।
स्थिति यह हो गई कि अवैध शराब बेचने वाले तस्करों ने या तो अपना क्षेत्र बदल लिया या फिर यह धंधा ही बंद कर दिया। पुलिस ने कई आरोपियों के जुलूस निकालकर भी सख्त संदेश दिया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
गोरखपुर थाना पुलिस की इस कार्रवाई का असर अब क्षेत्र में साफ दिखाई दे रहा है और स्थानीय लोग पुलिस की सक्रियता की सराहना कर रहे हैं।
माढ़ोताल थाना: चोरी और चाकूबाजी पर कसा शिकंजा
माढ़ोताल थाना प्रभारी वीरेद्र पवार ने अपने क्षेत्र में सबसे पहले उन अपराधों पर ध्यान केंद्रित किया जो आम जनता के लिए सबसे बड़ी परेशानी बने हुए थे। इनमें चोरी और चाकूबाजी की घटनाएं प्रमुख थीं।
थाना प्रभारी ने अलग टीम बनाकर केवल चाकूबाजों और संदिग्ध तत्वों पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी। लगातार अभियान चलाकर कई बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। यहां तक कि पुलिस ने बड़ी मात्रा में चाइना चाकू भी बरामद किए, जिससे क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण हुआ।
चोरी की घटनाओं को लेकर भी थाना प्रभारी ने अपने स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए कि चोरी होना पुलिस के लिए चुनौती है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी चोरी का खुलासा करना है। इसी रणनीति के चलते माढ़ोताल पुलिस ने लगातार कई चोरियों का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और चोरी गया सामान भी बरामद किया।
गढ़ा थाना भी लगातार सक्रिय
गढ़ा थाना भी लगातार अपने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पुलिस द्वारा नियमित गश्त, संदिग्धों की जांच और अवैध गतिविधियों पर निगरानी के चलते क्षेत्र में अपराधियों पर दबाव बना हुआ है।
जनता और पुलिस के बीच बढ़ा विश्वास
इन सभी थानों की कार्यप्रणाली का सबसे बड़ा असर जनता और पुलिस के बीच बढ़ते विश्वास के रूप में दिखाई दे रहा है। लगातार कार्रवाई, क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी और आम लोगों से संवाद ने अपराधियों में भय और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना पैदा की है।
जबलपुर पुलिस के इन थानों की सक्रियता यह साबित कर रही है कि अगर पुलिस लगातार मैदान में रहकर योजनाबद्ध तरीके से काम करे तो अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

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