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Monday, April 6, 2026

गड़ा धन’ के नाम पर करोड़ों की ठगी का खुलासा: क्राइम ब्रांच ने बिछाया जाल, अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार

 

जबलपुर। “हम मजदूर हैं… खुदाई में गड़ा हुआ सोना मिला है…”—इसी कहानी के सहारे लोगों को अपने जाल में फंसाकर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का जबलपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। सूझबूझ और तकनीकी रणनीति के साथ बिछाए गए जाल में फंसाकर पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़ 55 लाख रुपये नगद, 84 ग्राम असली सोना, लगभग 20 किलो नकली सोने की गिन्नियां और 11 मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

 गिरफ्तार आरोपी

पन्नालाल राठौर

धर्मेन्द्र राठौर (34 वर्ष)

वीरेन्द्र राठौर (30 वर्ष)

रामादेवी राठौर (52 वर्ष)

सभी निवासी—प्रज्जूमल रोड, थाना आदर्शनगर, बल्लभगढ़, जिला फरीदाबाद (हरियाणा)। चारों आरोपी एक ही परिवार के सदस्य हैं।

 ठगी का पूरा खेल: भरोसा जीतकर लालच का जाल

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले खुद को मजदूर बताते थे और यह कहानी सुनाते थे कि उन्हें खुदाई के दौरान “गड़ा हुआ सोना” मिला है।

वे पीड़ितों को पहले असली सोने की गिन्नियां सैंपल के रूप में देते थे, जिन्हें सुनार से जांच कराने पर सही पाया जाता था। इससे पीड़ितों का भरोसा पूरी तरह जीत लिया जाता था। इसके बाद आरोपी कम कीमत में भारी मात्रा में सोना देने का लालच देते थे।

लालच में आकर लोग लाखों रुपये देकर सोना खरीद लेते थे, लेकिन बाद में पता चलता था कि उन्हें नकली सोने की गिन्नियां थमा दी गई हैं।

दिल्ली से सस्ते में खरीदी जाती थीं नकली गिन्नियां

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नकली सोने की गिन्नियां दिल्ली से बेहद सस्ते दामों में खरीदते थे, जिनकी कीमत लगभग 1000 रुपये प्रति किलो होती थी।

इन्हीं गिन्नियों को असली बताकर लाखों रुपये में बेचा जाता था, जिससे आरोपी भारी मुनाफा कमा रहे थे।

 तीन बड़ी वारदातों का खुलासा

01 अप्रैल 2026: 7 किलो नकली सोना देकर लगभग 10 लाख रुपये की ठगी

03 अप्रैल 2026: 5 किलो सोना देने के नाम पर 50 लाख रुपये की ठगी

04 अप्रैल 2026: 12 किलो नकली सोना देकर 1 करोड़ रुपये की ठगी

 क्राइम ब्रांच का जाल: तकनीक और रणनीति से पकड़े गए आरोपी

पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह एवं क्राइम डीएसपी उदयभान बागरी के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच की विशेष टीम गठित की गई।

क्राइम ब्रांच ने आरोपियों को पकड़ने के लिए सुनियोजित जाल बिछाया, जिसमें तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और साइबर इनपुट का उपयोग किया गया। आरोपियों की लोकेशन झांसी में मिलने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पनागर में किराये का मकान लेकर ठगी की रकम और नकली सोना छिपाकर रखते थे।

पनागर में दबिश: करोड़ों की बरामदगी

आरोपियों की निशानदेही पर पनागर स्थित मकान की तलाशी में—

1 करोड़ 55 लाख रुपये नगद

84 ग्राम असली सोना

लगभग 20 किलोग्राम नकली सोने की गिन्नियां

11 मोबाइल फोन

बरामद किए गए।

कानूनी कार्रवाई

आरोपियों के खिलाफ थाना अपराध में अपराध क्रमांक 3/26, 4/26, 5/26 के तहत धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) में प्रकरण दर्ज कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया है।

 उल्लेखनीय भूमिका: क्राइम ब्रांच और साइबर टीम

इस पूरे ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही—

थाना प्रभारी अपराध शैलेश मिश्रा

उप निरीक्षक प्रभाकर सिंह

सहायक उप निरीक्षक अशोक मिश्रा, संतोष पांडेय

प्रधान आरक्षक मनीष सिंह, सुतेन्द्र यादव

आरक्षक प्रीतम उपाध्याय, शिव सिंह बघेल, राजेश मिश्रा, राजेश नातरे, सतीश कुमार दुबे, मुकेश परिहार

महिला आरक्षक नीलम तिवारी, दीप्ति मिश्रा

साइबर सेल उप निरीक्षक कपूर सिंह मरावी

आरक्षक नीरज उपाध्याय, पवन डेहरिया, अजय, संदीप पांडेय

प्रधान आरक्षक अमित पटेल

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