देशभर से पहुंचे 350 पत्रकार, सुरक्षा कानून और मीडिया काउंसिल गठन जैसे अहम प्रस्ताव पारित
जबलपुर/अमरकंटक।
मध्यप्रदेश की पावन धरा, माँ नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में पत्रकारिता के क्षेत्र का एक ऐतिहासिक अध्याय उस समय जुड़ गया, जब भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ (आईएफडब्ल्यूजे) की 144वीं राष्ट्रीय कार्यसमिति एवं मध्यप्रदेश इकाई की दो दिवसीय बैठक भव्य रूप से संपन्न हुई। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से आए लगभग 350 पत्रकारों ने सहभागिता कर पत्रकार एकता का मजबूत संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन, मंत्रोच्चार एवं शंखनाद के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को उपस्थित रहे, वहीं विशिष्ट अतिथियों में नगर परिषद अमरकंटक की अध्यक्ष पार्वती सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम सहित कई जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए।
पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को बताया जायज
मुख्य अतिथि विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने अपने उद्बोधन में पत्रकारों की सुरक्षा, आजीविका एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को पूर्णतः उचित बताते हुए आश्वासन दिया कि इस विषय को मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में संगठन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि महासंघ निरंतर पत्रकारों के अधिकारों एवं सम्मान के लिए कार्यरत है। इस दौरान
मीडिया काउंसिल गठन
पत्रकार सुरक्षा कानून
स्वास्थ्य सुरक्षा योजना
पेंशन प्रक्रिया सरलीकरण
जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
नलिनकांत वाजपेयी हुए सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के राष्ट्रीय संयोजक नलिनकांत वाजपेयी को पत्रकारिता में उनके निरंतर योगदान एवं सक्रियता के लिए शाल, श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का प्रतीक है, बल्कि संस्कारधानी जबलपुर की पत्रकारिता के सम्मान के रूप में भी देखा जा रहा है।
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देशभर से पत्रकारों की भागीदारी
सम्मेलन में आंध्रप्रदेश, बिहार, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, गोवा, महाराष्ट्र, केरल, गुजरात एवं उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
“मील का पत्थर साबित होगा सम्मेलन”
अपने उद्बोधन में नलिनकांत वाजपेयी ने कहा कि अमरकंटक में आयोजित यह राष्ट्रीय सम्मेलन पत्रकारों की एकता का सशक्त प्रतीक है। साथ ही यह आयोजन पत्रकारों के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान के लिए एक मजबूत आवाज बनकर उभरा है, जो आने वाले समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव और संगठनात्मक मजबूती का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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