बड़े महावीर से लेकर ग्वारीघाट तक श्रद्धालुओं की उमड़ेगी भीड़, सुबह जन्म आरती से शुरू होंगे आयोजन
सुबह जन्म आरती से होगी शुरुआत
बड़े महावीर मंदिर में विशेष श्रृंगार
ग्वारीघाट में बाल हनुमान के दुर्लभ दर्शन
सवा लाख नारियल से हवन
शहर भर में भंडारे और प्रसाद वितरण
जबलपुर।संस्कारधानी जबलपुर में हनुमान प्रकटोत्सव को लेकर धार्मिक उत्साह चरम पर है। शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। बुधवार को सुबह जन्म आरती के साथ दिनभर विशेष पूजा-अर्चना, हवन, भंडारे और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
शहर के बड़ा फुहारा स्थित प्रसिद्ध बड़े महावीर मंदिर में विशेष सजावट की जा रही है। करीब 300 वर्ष पुराने इस मंदिर में पेशवा कालीन परंपरा के अनुसार बजरंगबली की मोहिनी स्वरूप प्रतिमा स्थापित है, जिसमें वे गदा के स्थान पर कमल पुष्प धारण किए हुए हैं। मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, यही वजह है कि यहां हर मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मंदिर के पुजारी के अनुसार, प्रकटोत्सव के अवसर पर सुबह से ही जन्म आरती, विशेष श्रृंगार और पूजन का आयोजन किया जाएगा। मंदिर परिसर के आसपास पूजा सामग्री की विशेष व्यवस्था भी की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
रामलला ग्वारीघाट में विशेष आयोजन:
ग्वारीघाट स्थित रामलला मंदिर में भी हनुमान प्रकटोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। यहां बाल रूप हनुमान के दर्शन वर्ष में एक बार होते हैं, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहता है।
मंदिर समिति के अनुसार, सुबह 7 बजे गर्भगृह से बाल हनुमान के दर्शन कराए जाएंगे। इसके साथ ही सवा लाख नारियल से हवन, भजन-कीर्तन, हनुमान चालीसा पाठ और महाआरती का आयोजन होगा।
खारीघाट का अनोखा मंदिर भी आकर्षण का केंद्र:
खारीघाट स्थित प्राचीन हनुमान प्रतिमा, जिसे लगभग 600 वर्ष पुराना माना जाता है, भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस प्रतिमा की विशेषता यह है कि इसमें हनुमान जी के बालों की आकृति इतनी जीवंत है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो वे अभी-अभी स्नान कर निकले हों।
यहां की मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी स्वयं इस स्थल पर आते हैं, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी हो जाती है।
शहरभर में भंडारे और धार्मिक आयोजन:
हनुमान प्रकटोत्सव के अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हनुमान मंदिरों के बाहर भंडारे, प्रसाद वितरण और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जगह-जगह भक्तों के लिए निशुल्क भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था की जा रही है।

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