जबलपुर, 20 मई 2026।
हैदराबाद के प्रसिद्ध Yashoda Hospitals द्वारा संस्कारधानी जबलपुर में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मध्य भारत के लोगों को आधुनिक हृदय उपचार तकनीकों—जैसे हार्ट ट्रांसप्लांट, रोबोटिक कार्डियक सर्जरी, मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी और एडवांस्ड कार्डियक केयर—के प्रति जागरूक करना था। इस पहल के माध्यम से अस्पताल प्रबंधन ने क्षेत्र के मरीजों तक विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
अत्याधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित सेवाएं
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यशोदा हॉस्पिटल्स के डिप्टी जनरल मैनेजर (मार्केटिंग) श्री उदय भास्कर एनवीएस एवं डिप्टी मैनेजर श्री वीरेंद्र वर्मा ने अस्पताल समूह की उपलब्धियों और चिकित्सा सेवाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यशोदा हॉस्पिटल्स आधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है।
उन्होंने कहा कि हैदराबाद स्थित अस्पताल इकाइयों में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, एडवांस आईसीयू, कैथ लैब्स तथा एनएबीएच और एनएबीएल प्रमाणित जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। कार्डियक साइंसेज, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और रोबोटिक सर्जरी जैसी सेवाओं के चलते देश-विदेश से बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं।
समय पर जांच और संतुलित जीवनशैली जरूरी
एम्स दिल्ली से शिक्षित एवं अमेरिका से फेलोशिप प्राप्त सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अनुप अग्रवाल ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, तनाव, मोटापा और असंतुलित जीवनशैली आज हृदय रोगों के प्रमुख कारण बन चुके हैं। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने की सलाह देते हुए अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक एंजियोप्लास्टी और जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन तकनीकों की जानकारी दी।
रोबोटिक तकनीक से आसान हो रही हार्ट सर्जरी
कंसल्टेंट कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ. विशाल खांटे ने बताया कि रोबोटिक और मिनिमली इनवेसिव तकनीकों ने हृदय सर्जरी को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बना दिया है। इन तकनीकों से मरीज को कम दर्द होता है, शरीर पर कम प्रभाव पड़ता है और रिकवरी भी तेजी से होती है। उन्होंने हार्ट ट्रांसप्लांट और जटिल हृदय रोगों के उपचार में अपनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय मानकों की जानकारी भी दी।
जटिल ट्रांसप्लांट में क्रिटिकल केयर की अहम भूमिका
कंसल्टेंट एनेस्थिसियोलॉजिस्ट (CTVS) डॉ. टी. विक्रम कुमार नायडू ने कहा कि हार्ट और लंग ट्रांसप्लांट जैसे गंभीर मामलों में एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम और विशेषज्ञ टीम की मदद से जटिल मामलों का सफल उपचार संभव हो पा रहा है।
मध्य भारत के मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज
कार्यक्रम के अंत में यशोदा हॉस्पिटल्स प्रबंधन ने कहा कि उनका लक्ष्य मध्य प्रदेश सहित पूरे मध्य भारत के मरीजों को नैतिक, सुलभ और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित डॉक्टरों और आधुनिक तकनीक के सहयोग से यशोदा हॉस्पिटल्स देश के अग्रणी कार्डियक केयर एवं हार्ट ट्रांसप्लांट सेंटर के रूप में लगातार अपनी सेवाएं दे रहा है।

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