आधी रात को घर के सामने खूनी संघर्ष
घटना 4 और 5 मई की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे की है। जोधपुर पड़ाव निवासी लक्ष्मीबाई बसौर जब अपने घर के बाहर बनी टपरिया की ओर जा रही थीं, तभी मोटर साइकिल पर सवार तीन अज्ञात युवक वहां पहुंचे और उनके साथ झूमाझटकी करने लगे। मां की आवाज सुनकर बेटा मोनू और पति दस्सीलाल बसौर बीच-बचाव करने बाहर आए। इसी दौरान हमलावरों में से एक ने दस्सीलाल के पेट में चाकू मार दिया और मौके से फरार हो गए।
अस्पताल में उपचार के दौरान मौत
घायल दस्सीलाल को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने लक्ष्मीबाई की शिकायत पर धारा 103 बी.एन.एस. के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।
पुरानी रंजिश और लूट की वारदात
जांच के दौरान गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन संदेहियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए दस्सीलाल पर हमला किया था। इतना ही नहीं, हत्या की वारदात को अंजाम देकर भागते समय इन आरोपियों ने गढ़ा रेलवे स्टेशन के पास एक ढाबे पर दो लड़कों से पैसों की मांग की और पैसे न देने पर उन्हें चाकू मारकर उनका मोबाइल भी छीन लिया था।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस ने निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- शुभम पाण्डेय (24 वर्ष), निवासी शास्त्रीनगर, तिलवारा।
- शरद बर्मन (21 वर्ष), निवासी भटौली, ग्वारीघाट।
- एक 17 वर्षीय विधि विवादित बालक।
जप्त सामग्री:
- घटना में प्रयुक्त 02 बटनदार चाइना चाकू।
- बिना नंबर प्लेट की एक काले रंग की मोटर साइकिल।
- छीना हुआ मोबाइल और आरोपियों के 02 मोबाइल फोन।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल और लूट का खुलासा करने में थाना प्रभारी तिलवारा बृजेश मिश्रा, उप निरीक्षक अभिषेक कैथवास, पी.एल. बंसल, प्रधान आरक्षक महेन्द्र पटेल, सतीश शुक्ला और आरक्षक राहुल सनोडिया, राजेश गुप्ता व अभय बघेल की विशेष भूमिका रही।

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