ग्वारीघाट में सुरक्षा का ‘शराबी चेहरा’: बरगी हादसे के बाद भी होमगार्ड की शर्मनाक करतूत; नशे में धुत जवान ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए अधिकारियों पर ही उछाली कीचड़! - Pratham Today, Sach Ki Baat SabKe Saath -->

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Wednesday, May 6, 2026

ग्वारीघाट में सुरक्षा का ‘शराबी चेहरा’: बरगी हादसे के बाद भी होमगार्ड की शर्मनाक करतूत; नशे में धुत जवान ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए अधिकारियों पर ही उछाली कीचड़!


  • नशे का सच: साफ किया गया है कि जवान का बयान उसके नशे और बेशर्मी का नतीजा है।
  • अधिकारियों का सम्मान: यह स्पष्ट किया गया है कि अधिकारी अपनी जगह सही हैं, लेकिन निचला स्तर (जवान) उनकी छवि खराब कर रहा है।
  • कार्रवाई पर जोर: रिपोर्ट सीधे तौर पर पूछती है कि ऐसे 'बड़बोले' और लापरवाह जवान पर अब तक सख्त एक्शन क्यों नहीं हुआ।




जबलपुर: आस्था का केंद्र ग्वारीघाट इन दिनों एक गंभीर खतरे के साये में है। यह खतरा प्राकृतिक नहीं, बल्कि उन 'रक्षकों' की लापरवाही से पैदा हुआ है जिन्हें लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी दी गई है। बरगी डैम के दर्दनाक हादसे से सबक लेने के बजाय, ग्वारीघाट पर तैनात कुछ जवान अपनी ड्यूटी को शराब के नशे में डुबो रहे हैं।

ड्यूटी के वक्त नशे में चूर, वर्दी की मर्यादा तार-तार

​हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। जहाँ घाटों पर मुस्तैदी की जरूरत थी, वहाँ होमगार्ड का एक जवान सुत्तुराम वंशकार पुलिस चौकी के भीतर नशे में धुत पाया गया। हैरानी की बात यह है कि उसने अपनी वर्दी तक उतार रखी थी और होश इस कदर खो चुका था कि उसे अपनी जिम्मेदारी का रत्ती भर भी अहसास नहीं था।

बेशर्मी की पराकाष्ठा: अपनी गलती छिपाने के लिए आला अफसरों के नाम का सहारा

​जब इस लापरवाह जवान से उसकी इस हालत पर सवाल पूछा गया, तो उसने अपनी गलती मानने के बजाय बेशर्मी का रास्ता चुना। नशे की हालत में उसने यह कहकर सबको चौंका दिया कि— "कलेक्टर और कमांडर को बता दो, मैं सबको पैसे देता हूँ।" 



सच्चाई का विश्लेषण:

जवान का यह बयान उसकी मानसिक दिवालिएपन और नशे की गंभीरता को दर्शाता है। यह स्पष्ट है कि अपनी घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता पर पर्दा डालने के लिए वह जिले के सर्वोच्च अधिकारियों के नाम का सहारा ले रहा है। एक सिपाही स्तर के कर्मचारी द्वारा अपनी 'पहुंच' का ऐसा झूठा दावा करना न केवल हास्यास्पद है, बल्कि यह उसकी उस मानसिकता को भी उजागर करता है जहाँ वह खुद को कानून से ऊपर समझने लगा है।

प्रशासन की छवि को धक्का, कार्रवाई की दरकार

​जबलपुर कलेक्टर और होमगार्ड के वरिष्ठ अधिकारी लगातार घाटों की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी कर रहे हैं, लेकिन ऐसे मुट्ठी भर लापरवाह जवान पूरे विभाग की साख को बट्टा लगा रहे हैं। प्लाटून कमांडर मनीष लोहट ने स्वीकार किया है कि इस जवान की शिकायतें पहले भी मिली हैं।

​ऐसे में सवाल उठता है कि क्या केवल 'जांच' और 'भरोसे' से काम चलेगा? जो जवान नशे में धुत्त होकर बड़े अधिकारियों के नाम पर कीचड़ उछाल रहा है, उसके खिलाफ कड़ी बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?

जनता का सवाल: क्या किसी और हादसे का इंतज़ार है?

​स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन के बड़े अधिकारी तो अपनी ओर से व्यवस्थाएं बनाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसे जवान उनकी मेहनत पर पानी फेर देते हैं। बरगी हादसे की यादें आज भी लोगों को डराती हैं, ऐसे में ग्वारीघाट पर सुरक्षा के साथ हो रहा यह खिलवाड़ किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।

नीरज सिंह जिला कमांडर 

आपके द्वारा यह मामला संज्ञान में लाया गया है। इसके बाद होमगार्ड सैनिक  को कार्य में लापरवाही बरतने के लिए तुरंत होमगार्ड लाइन अटैच करने की कार्यवाही की जा रही है । इसके बाद औचक निरीक्षण कर अब लगातार नजर रखी जाएगी 

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