जबलपुर में आस्था, परंपरा और उत्साह का अनूठा संगम उस समय देखने को मिला जब बुढ़ी खेरमाई माता के पावन जावारों का भव्य जुलूस पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ निकाला गया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जावारों में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी रही, जिसने पूरे आयोजन को और अधिक दिव्य और आकर्षक बना दिया।
इस वर्ष करीब 1500 से अधिक श्रद्धालुओं ने ‘बाना’ छिदवाकर अपनी आस्था और श्रद्धा का प्रदर्शन किया। छोटे बच्चों से लेकर युवा वर्ग तक, सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और माता के प्रति अपनी अटूट भक्ति प्रकट की। श्रद्धालु पूरे जोश और उत्साह के साथ पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए।
परंपरागत मार्ग से निकला भव्य जुलूस
जावारों का जुलूस चार खंबा से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इसमें छोटे फव्वारा, तमरहाई चौक, मन्नूलाल ट्रस्ट, हितकारिणी स्कूल, दीक्षितपुरा, पांडे चौक, कमानिया गेट, राजा रसगुल्ला और घोड़ा नक्कास जैसे प्रमुख क्षेत्रों से होते हुए अंततः हनुमान ताल पहुंचकर जावारों का विसर्जन किया गया।
पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। हजारों लोग सड़कों के किनारे खड़े होकर जावारों के दर्शन करते रहे और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
भंडारे और सेवा की परंपरा
जुलूस के मार्ग में जगह-जगह विभिन्न समितियों और भक्तों द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं को प्रसाद और भोजन वितरित किया गया, जिससे सेवा और समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की सतर्कता के चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।

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