त्योहार की खुशियां बिगाड़ सकता था ई-रिक्शा में किया गया स्टंट - Pratham Today, Sach Ki Baat SabKe Saath -->

Breaking

Saturday, September 6, 2025

त्योहार की खुशियां बिगाड़ सकता था ई-रिक्शा में किया गया स्टंट

 

विडियो भी देखें 

प्रथम टुडे  जबलपुर।

त्योहार खुशियों और उत्साह का प्रतीक होते हैं, लेकिन कई बार कुछ लोग इसी मौके पर नियम-कायदों की अनदेखी कर लापरवाही कर बैठते हैं, जो हादसों को न्योता दे सकती है। ऐसा ही नजारा ईद मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान जबलपुर में देखने को मिला।

जहां एक ओर जुलूस ने भाईचारे और सांस्कृतिक समन्वय की अद्भुत मिसाल पेश की, वहीं कुछ युवाओं का गैर-जिम्मेदाराना रवैया चिंता का कारण बना।

भाईचारे की मिसाल बनी संस्कारधानी

कल शहर में ईद मिलाद-उन-नबी का जुलूस पूरी शान-ओ-शौकत के साथ निकाला गया। जिन मार्गों से जुलूस गुजरा, वहां गणेश प्रतिमाएं भी स्थापित थीं। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग अत्यंत शालीनता और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए गणेश प्रतिमाओं के सामने से निकले। यह दृश्य जबलपुर की संस्कारधानी वाली पहचान को और मजबूत करता दिखा।

ई-रिक्शा पर स्टंट से दहशत

इसी बीच एक ई-रिक्शा ने लोगों की सांसें थमा दीं। रिक्शे के अंदर महिलाएं बैठी थीं, लेकिन उसके ऊपर कुछ युवक बैठे थे, जो हुल्लड़बाजी करते हुए जुलूस के साथ चल रहे थे। अंजुमन सिविक सेंटर से कलेक्ट्रेट होते हुए घमापुर चौक तक इस ई-रिक्शा का सफर लोगों को चिंता में डालता रहा।

सड़क पर बारिश के बाद बने गहरे गड्ढों से दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई थी। यदि रिक्शा संतुलन खो देता तो बड़ा हादसा हो सकता था। सौभाग्य से कोई अनहोनी नहीं हुई और सब सुरक्षित रहे।

पुलिस रही खामोश, सवाल खड़े हुए

स्थानीय लोगों के अनुसार पुलिस ने भी इस लापरवाह हरकत को नजरअंदाज कर दिया, शायद इसलिए क्योंकि मामला त्योहार से जुड़ा हुआ था। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि क्या त्योहार के नाम पर नियम-कायदों की अनदेखी की जा सकती है?

कड़ी कार्रवाई की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस को इस घटना का संज्ञान लेकर ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत न कर सके। साथ ही समाज के लोगों को भी आगे आकर ऐसे खतरनाक स्टंट रोकने चाहिए और त्योहारों को उल्लास, भाईचारे और सुरक्षा के साथ मनाना चाहिए।



No comments:

Post a Comment