प्रथम टुडे जबलपुर।
गणेश जन्मोत्सव के चतुर्थ दिवस पर ललपुर रोड, गौरीघाट स्थित श्री सिद्ध रजत गणेश मंदिर में भक्तिभाव और परंपराओं के बीच विशेष आयोजन हुआ।
मंदिर में रजत गणेश का सहस्त्रार्चन 1000 नामों से किया गया। इस अवसर पर पाँच प्रकार के ऋतुफलों से अर्चन एवं गुलाब जल, केसर जल, गंगा जल, नर्मदा जल, यमुना जल तथा महाकुंभ से लाए गए गंगा संगम तीर्थ जल से अभिषेक कर पूजा-अर्चना सम्पन्न की गई।
पूजन विधि आचार्य रामकिशोर के सान्निध्य में सम्पन्न हुई। आयोजन में अमित ऋचा नागपाल, वैदिक नागपाल, अमोघ गुप्ता, दुष्यंत त्रिपाठी, रूप नारायण शर्मा, राकेश गुप्ता, राजेश पटेल, श्रीमती सीता चौबे, देव दुबेदी व शिवम् दुबे सहित अनेक श्रद्धालु शामिल हुए।
इस अवसर पर संस्थापक महंत स्वामी श्री प्रमोद महाराज ने उद्बोधन में कहा कि –
"
गण शब्द समूह का वाचक है। जो सम्पूर्ण समूह का पालन करता है वही गणपति है। जिनका कोई नायक नहीं, जो स्वयं सर्वशक्तिमान हैं, वही प्रभु श्री गणेश हैं।"
विशेष श्रृंगार में रविवार को प्रभु को सिन्दूरी-भगवा व शनिवार को नीलाम्बर वस्त्रों से अलंकृत किया गया। प्रातः श्रृंगार श्रीमती कौसिल्या अमर सिंह ठाकुर एवं रात्रिकालीन श्रृंगार शालिनी पटेल जी द्वारा सम्पन्न किया गया। प्रातः सहस्त्रार्चन डॉ. अजय तिवारी तथा सांय सहस्त्रार्चन श्रीमती विभा चौकसे व श्रीमती रश्मि द्वारा किया गया।
सांयकालीन भव्य महाआरती के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर प्रांगण में दिनभर दर्शन हेतु भक्तों की भीड़ उमड़ती रही और श्रद्धालुओं ने रजत गणेश समक्ष मनोकामना पूर्ति हेतु अर्जी लगाई।

No comments:
Post a Comment