अवधपुरी एसिड अटैक केस में खुलासा: इंटरनेट से सीखा प्लान, सुंदरता बिगाड़ने की थी साजिश - Pratham Today, Sach Ki Baat SabKe Saath -->

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Wednesday, July 2, 2025

अवधपुरी एसिड अटैक केस में खुलासा: इंटरनेट से सीखा प्लान, सुंदरता बिगाड़ने की थी साजिश

 

 इशिता के मां ने ही उसको गिरफ्तार करने में पुलिस की मदद करी 

 प्रथम टुडे न्यूज जबलपुर

 रविवार रात की वारदात, मंगलवार को कोर्ट में पेशी, आरोपी जेल भेजे गए

सूत्रों के मुताबिक, ग्वारीघाट थाना क्षेत्र की अवधपुरी कॉलोनी में अपनी ही सहेली श्रद्धा दास (उम्र 23 वर्ष) पर तेजाब फेंकने वाली युवती और उसका सहयोगी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गए हैं। पुलिस ने सोमवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को कोर्ट में पेशी के बाद दोनों को जेल भेज दिया गय

 इंटरनेट के माध्यम से जानकारी ली एसिड की  एसिड की 

पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान युवती ने जो कहानी बताई, वह न केवल चौंकाने वाली है बल्कि समाज में बढ़ती ईर्ष्या और डिजिटल माध्यमों से अपराध की प्रेरणा लेने की प्रवृत्ति पर भी सवाल खड़े करती है। इशिता ने भी इंटरनेट के माध्यम से पूरी जानकारी ली की एसिड कैसे मिलेगा और कौन सा एसिड उसे करना है ।

आरोपी युवती ने पुलिस को बताया कि वह और श्रद्धा कभी घनिष्ठ सहेलियां थीं। दोनों ने 10वीं तक साथ पढ़ाई की थी, लेकिन बाद में रास्ते अलग हो गए। श्रद्धा की सुंदरता, पढ़ाई में तेज़ी और सबका ध्यान आकर्षित करना आरोपी को खटकने लगा था।

मामले में मोड़ तब आया जब आरोपी का अपने बॉयफ्रेंड के साथ एक वीडियो वायरल हो गया, जिससे उसे सामाजिक अपमान झेलना पड़ा। उसे शक था कि श्रद्धा ने ही यह वीडियो लीक किया है, और तभी से उसके मन में बदले की भावना गहराती गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इंटरनेट पर खोजबीन कर 'सुंदरता को नुकसान पहुंचाने के तरीके' खोजे और आखिरकार एसिड अटैक का प्लान तैयार किया।

नींद की गोली देकर भागने से रोका गया, मां ने बचाया, पुलिस ने पकड़ा

वारदात के बाद आरोपी अपने घर पहुंची और भागने की तैयारी में लग गई। वह कपड़े बैग में भर चुकी थी कि तभी उसकी मां को घटना की भनक लग गई। मां ने उसे रोकने के लिए उसे नींद की गोली खिला दी, जिससे वह बेसुध हो गई। पुलिस को इसकी जानकारी मिली और फिर घर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पहले से था उग्र स्वभाव, माता-पिता से भी विवाद

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी युवती का स्वभाव आक्रामक था और वह माता-पिता से भी कई बार झगड़ चुकी थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायतें भी दर्ज कराईं थीं। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने करीब एक सप्ताह पहले एसिड अटैक की योजना बनाई थी और इंटरनेट से एसिड के प्रकार, असर और उपलब्धता के बारे में जानकारी इकट्ठा की थी।

चिकित्सक बोले: फिर लौट सकती है रौनक, स्किन बैंक से होगा इलाज

श्रद्धा के चेहरे पर एसिड के गहरे घाव आए हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जन डॉ. पवन अग्रवाल ने बताया कि पीड़िता के इलाज में स्किन बैंक की मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि हाइड्रोक्लोरिक और सल्फ्यूरिक एसिड से डीप बर्न होता है जिससे त्वचा के साथ आंखों और नाक तक को नुकसान पहुंच सकता है, लेकिन प्लास्टिक सर्जरी और स्किन ग्राफ्टिंग से उसकी स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।


मानसिक विशेषज्ञ ने कहा: यह डिलूजनल डिसऑर्डर का मामला हो सकता है


जिला अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. रत्नेश कुरारिया का कहना है कि जब ईर्ष्या बदले की भावना में बदल जाती है तो व्यक्ति का मनोबल क्षीण हो जाता है और वह असामान्य निर्णय ले सकता है। इसे 'डिलूजनल डिसऑर्डर' कहा जाता है। ऐसे लोग सामान्य जीवन में सामान्य ही प्रतीत होते हैं लेकिन अंदर ही अंदर खतरनाक योजनाएं पनपाते रहते हैं।



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विशेष

इस घटना ने यह दिखा दिया है कि आधुनिक समय में ईर्ष्या और डिजिटल माध्यमों के गलत इस्तेमाल से किस कदर खतरनाक अपराध जन्म ले रहे हैं। इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पीड़िता के स्वस्थ होने की उम्मीद के साथ समाज को भी introspection की ज़रूरत है कि हम कैसे अपने युवाओं में संवेदनशीलता और सहनशीलता विकसित कर सकें।

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