[
जनता त्रस्त, पुलिस मूकदर्शक, बड़े आंदोलन तैयारी कर क्षत्रिय जनता
28/5, 23:00] Anurag Dixit:
प्रथम टुडे जबलपुर :-- संस्कारधानी जबलपुर का पवित्र ग्वारीघाट क्षेत्र, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु मां नर्मदा के दर्शन के लिए आते हैं, अब अवैध शराब माफियाओं के चंगुल में फंसा हुआ है। बीते दो-तीन वर्षों से यह क्षेत्र नशे के कारोबार का अड्डा बन गया है, और हैरानी की बात यह है कि यह सबकुछ ग्वारीघाट थाना पुलिस की नाक के नीचे खुलेआम हो रहा है।
रामलला मंदिर परिसर तक फैला अवैध कारोबार
शहर का प्रसिद्ध रामलला हनुमान मंदिर परिसर में तक अब अवैध शराब की बिक्री हो रही है। शराब माफियाओं को न तो कानून का भय है और न ही धर्मस्थल की मर्यादा का कोई ख्याल। यह लोग बेखौफ होकर मंदिर परिसर में ही शराब बेच रहे हैं, जहां श्रद्धालु अपनी अर्जी लगाने हनुमान जी के दरबार में आते हैं।
रैन बसेरा बना शराबियों का अड्डा
मां नर्मदा की परिक्रमा करने वालों और जरूरतमंदों के लिए बनाए गए रैन बसेरा में अब शराबियों का कब्जा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ लोग खुलेआम शराब पीते नजर आ रहे हैं। एक व्यक्ति ने तो कैमरे पर अपना नाम लेकर धमकी दी कि वह यहां का 'किंग' है और कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
शिकायतों पर नहीं होती कार्रवाई, उल्टा मिलती है धमकी
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार थाने में शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाय शिकायतकर्ताओं के नाम ही शराब माफियाओं को बता दिए। इसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और घर की महिलाओं व बच्चियों को भी न छोड़ने की धमकियां दी गईं।
पुलिस की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि ग्वारीघाट थाना पुलिस इन माफियाओं के साथ मिलीभगत में है। पुलिस नियमित रूप से क्षेत्र में आती तो है, लेकिन कभी भी किसी ठोस कार्रवाई के संकेत नहीं मिलते। प्रतीत होता है मानो पुलिस ने इन अवैध कारोबारियों को मौन स्वीकृति दे दी हो।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की चुप्पी भी संदिग्ध
हर दिन ग्वारीघाट में मां नर्मदा के दर्शन के लिए शहर के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक पहुंचते हैं, लेकिन इस खुलेआम चल रहे गैरकानूनी कारोबार की अनदेखी करना कई सवाल खड़े करता है।
अब उठने लगी है जनआंदोलन की लहर
इस गंभीर समस्या से तंग आकर अब स्थानीय नागरिक बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। कुछ लोगों ने कलेक्टर और आबकारी विभाग को लिखित शिकायत भी दी है, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। आगामी दिनों में जल सत्याग्रह से लेकर कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करने जैसी योजनाएं बनाई जा रही हैं।
खाना पूर्ति की कार्रवाई से नहीं रुकेगा यह अवैध काम
जब भी जनता विरोध जताती है, पुलिस केवल औपचारिक कार्यवाही कर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास करती है। लेकिन अब क्षेत्रीय जनता पूरी तरह से संगठित होकर अवैध शराब के इस जाल को जड़ से उखाड़ने के लिए तैयार है।
-

No comments:
Post a Comment