बारिश अभी शुरू ही हुई है, फिर भी ढह रहे भवन... बड़ा फव्वारा के बाद भी नहीं चेता प्रशासन, मौत को खुला न्योता बने हैं शहर के जर्जर भवन
जबलपुर। संस्कारधानी में जर्जर भवनों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन नगर निगम और जिला प्रशासन की कार्रवाई अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है। बुधवार को मछरहाई मेन मार्केट में एक और जर्जर इमारत भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि हादसे से कुछ मिनट पहले ही मजदूरों ने इमारत से आती अजीब और तेज आवाजों को सुनकर बाहर निकलने का फैसला कर लिया। महज पांच मिनट बाद पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई। यदि मजदूर समय रहते बाहर नहीं निकलते तो यह हादसा कई जिंदगियां निगल सकता था।
अजीब आवाज बनी चेतावनी, 5 मिनट में जमींदोज हुई पूरी इमारत
जानकारी के अनुसार, मछरहाई मेन मार्केट में स्थित इस पुरानी इमारत की पिछले करीब चार महीनों से मरम्मत का काम चल रहा था। बुधवार को कई मजदूर अंदर काम कर रहे थे। तभी अचानक भवन से तेज और असामान्य आवाजें आने लगीं। खतरे को भांपते हुए मजदूर और अन्य लोग तुरंत बाहर निकल आए। इसके कुछ ही मिनट बाद पूरी इमारत भरभराकर गिर गई और आसपास का इलाका धूल के गुबार से भर गया।
दुकानें खाली थीं, इसलिए टली जनहानि
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इमारत पहले से ही बेहद जर्जर थी। लगातार कमजोर हो चुके ढांचे ने अचानक जवाब दे दिया। राहत की बात यह रही कि भवन में संचालित सभी दुकानें पहले से खाली करा दी गई थीं, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
स्थानीय लोगों ने बताया—वीडियो बनने से एक घंटे पहले हुआ हादसा
स्थानीय निवासी संजय जैन ने बताया कि हादसा वीडियो बनाए जाने से करीब एक घंटे पहले हुआ था। उनका कहना है कि यदि मजदूर कुछ देर और अंदर रुक जाते तो बड़ा हादसा तय था। उन्होंने प्रशासन से शहर के सभी जर्जर भवनों का तत्काल सर्वे कराने की मांग की।
बारिश अभी कम हुई, फिर भी गिर रहे भवन... आगे क्या होगा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जबलपुर में अभी लगातार और भारी बारिश भी नहीं हुई है, इसके बावजूद एक के बाद एक जर्जर इमारतें ढह रही हैं। यदि आने वाले दिनों में तेज और लगातार बारिश हुई तो शहर के पुराने बाजारों में हालात कितने खतरनाक हो सकते हैं, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
'प्रथम टुडे' पहले भी कर चुका है आगाह
प्रथम टुडे ने इससे पहले भी प्रमुखता से बड़ा फव्वारा स्थित सोसायटी साड़ी भंडार के ऊपर की तीन मंजिला जर्जर इमारत के भरभराकर गिरने की खबर प्रकाशित कर प्रशासन को चेताया था। लेकिन उस घटना के बाद भी नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से शहर के अन्य खतरनाक भवनों पर कोई व्यापक और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आई।
मुख्य बाजार में मौत का खतरा, फिर भी बेफिक्र जिम्मेदार
आज भी बड़ा फव्वारा, मछरहाई और शहर के मुख्य बाजारों में कई ऐसे भवन खड़े हैं, जिनकी ऊपरी मंजिलें जर्जर हैं, जबकि नीचे शोरूम और दुकानें रोजाना संचालित हो रही हैं। हजारों लोगों की आवाजाही वाले इन इलाकों में ऐसे भवन किसी बड़े हादसे का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं।
प्रशासन कब जागेगा?
लगातार सामने आ रही घटनाएं साफ संकेत दे रही हैं कि जर्जर भवन अब लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। अभी तक यह केवल संयोग है कि किसी की जान नहीं गई है, लेकिन यदि प्रशासन ने तत्काल सर्वे, नोटिस और खतरनाक भवनों को खाली कराने जैसी ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा शहर के लिए दुखद साबित हो सकता है। अब यह देखना होगा कि नगर निगम और जिला प्रशासन चेतावनी को गंभीरता से लेते हैं या फिर किसी बड़ी जनहानि के बाद ही उनकी नींद खुलेगी।

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