जबलपुर
भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विस्फोटक वीडियो ने आरपीएफ (RPF) के भीतर चल रहे कथित 'वसूली तंत्र' को बेनकाब कर दिया है। वीडियो में एक युवक ने सिपाही पंकज सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए वर्दी को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
महीने का फिक्स 'हफ्ता': 20 से 30 हजार की डिमांड
वायरल वीडियो में बेबसी और आक्रोश के साथ एक युवक बता रहा है कि आरपीएफ सिपाही पंकज सिंह रेलवे परिसर में अवैध वेंडिंग करने वालों से अवैध वसूली का सिंडिकेट चला रहा है। युवक के मुताबिक:
- वसूली का गणित: अवैध रूप से सामान बेचने की इजाजत के बदले हर महीने 20,000 से 30,000 रुपये तक वसूले जाते हैं। इसके अतिरिक्त 3 से 4 हजार रुपये अलग से लिए जाते हैं।
- फर्जी केस का डर: युवक का आरोप है कि जो पैसा नहीं देता, सिपाही पंकज सिंह उस पर रेलवे एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे जेल भेजने की धमकी देता है। इतना ही नहीं, विरोध करने पर वेंडरों पर गंभीर और झूठे आरोप तक मढ़ दिए जाते हैं।
वर्दी की प्रताड़ना: 'ट्रेन के नीचे कटकर मर जाऊँगा'
वीडियो में युवक का दर्द तब छलक पड़ा जब उसने आत्मघाती कदम उठाने की बात कही। युवक ने साफ तौर पर कहा कि वह आरपीएफ सिपाही की प्रताड़ना से इस कदर तंग आ चुका है कि वह ट्रेन के नीचे कटकर अपनी जान दे देगा। सुरक्षा बल, जिसका काम यात्रियों और रेलवे की सुरक्षा करना है, अगर उसी के खौफ से कोई जान देने पर आमादा हो जाए, तो यह पूरे सिस्टम की विफलता है।
भ्रष्टाचार या परंपरा?
आरपीएफ पर अवैध वसूली के आरोप पहले भी लगते रहे हैं, लेकिन इस वीडियो ने भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर कर दिया है। सवाल यह है कि क्या यह वसूली केवल एक सिपाही तक सीमित है या इस काली कमाई की हिस्सेदारी ऊपर तक जाती है? प्रशासन की चुप्पी अब कई सवाल खड़े कर रही है।
अस्वीकरण : यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और उसमें किए गए दावों पर आधारित है। प्रथम टुडे इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। संबंधित विभाग को इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच सामने लाना चाहिए।

No comments:
Post a Comment