प्रदेशभर में हुआ मतदान
मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल चुनाव के लिए मंगलवार 12 मई को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया गया। पूरे प्रदेश में करीब 87 हजार अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
जबलपुर में 9 हजार 819 अधिवक्ताओं के लिए हाईकोर्ट और जिला अदालत परिसर में मतदान केंद्र बनाए गए थे। दिनभर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा और सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह सक्रिय दिखाई दी।
मतदान खत्म होते ही बिगड़ा माहौल
चुनाव के दौरान प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ कोर्ट परिसरों में डटे रहे। अलग-अलग प्रत्याशियों द्वारा अधिवक्ताओं की सुविधा और जानकारी के लिए टेंट लगाए गए थे, जहां दिनभर भीड़ बनी रही।
लेकिन शाम करीब 5 बजे मतदान समाप्ति के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया।
जानकारी के अनुसार एक पक्ष के समर्थक अधिवक्ता और दूसरे पक्ष के प्रत्याशी के भतीजे के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। पहले कहासुनी हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
लात-घूंसे और कुर्सियां तक चलीं
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। लात-घूंसे चले और कुर्सियां फेंके जाने की भी चर्चा रही।
बताया जा रहा है कि इस दौरान कुछ अधिवक्ता वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे, जिनके साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की की गई।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
जबलपुर हाईकोर्ट और जिला अदालत परिसर में पूरे दिन पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था रही। सुरक्षा बल लगातार हालात पर नजर बनाए हुए थे।
इसके बावजूद मतदान समाप्ति के अंतिम समय में विवाद की घटना सामने आ गई। हालांकि मामले को लेकर अब तक आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
चुनाव से पहले शहर में चलीं पार्टियां
चुनाव से एक दिन पहले शहर में अलग-अलग स्थानों पर अधिवक्ता मिलन समारोह और चुनावी पार्टियों का दौर चला। बड़े होटलों में देर रात तक कार्यक्रम आयोजित हुए।
सबसे ज्यादा चर्चा बिलहरी स्थित अलीशान होटल में आयोजित पार्टी की रही, जहां अधिवक्ताओं के बीच यह चर्चा रही कि आयोजन पर लाखों रुपए खर्च किए गए। प्रत्याशियों की भीड़ और प्रभाव को लेकर भी पूरे दिन चर्चाएं होती रहीं।
धन्य कुमार जैन का मामला भी चर्चा में
इस चुनाव में अधिवक्ता धन्य कुमार जैन का मामला भी लगातार चर्चा का विषय बना रहा। उम्मीदवारों की अंतिम सूची में पहले 122 नाम थे, लेकिन एक प्रत्याशी द्वारा समर्थन में नाम वापस लेने के बाद 121 प्रत्याशी मैदान में रह गए।
हाईकोर्ट बार के पदाधिकारी होने के आधार पर धन्य कुमार जैन सहित कुछ पदाधिकारियों के नामांकन निरस्त कर दिए गए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां धूलिया कमेटी को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर नाराजगी भी जताई गई थी।
इसके बाद धन्य कुमार जैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और मंगलवार को हाईकोर्ट के पास अंबेडकर चौक पर धरने पर बैठे रहे। उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नमन जैन पर दो पदों का लाभ लेने का आरोप लगाया। साथ ही अधिवक्ताओं की हड़ताल रोके जाने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दमन बताया।
16 जून से शुरू होगी मतगणना
एमपी स्टेट बार काउंसिल चुनाव का मतदान अब पूरी तरह संपन्न हो चुका है। प्रदेशभर में बनाए गए 244 मतदान केंद्रों पर मतदान कराया गया।
अब 121 प्रत्याशियों की किस्मत बैलेट बॉक्स में कैद हो चुकी है। मतगणना 16 जून से शुरू होगी, जिसके बाद नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।

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