जबलपुर: कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित सराफा बाजार के आशीर्वाद स्वर्ण मार्केट में सोने के जेवरात की पॉलिश को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद अब धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा गंभीर मामला बन गया है। फोन पर कथित अभद्र भाषा, गाय माता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। घटना से नाराज सराफा व्यापारियों ने शुक्रवार सुबह आरोपी युवक को दुकान पहुंचते ही पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार, 21 मई 2026 की रात करीब 9:30 बजे आशीर्वाद स्वर्ण मार्केट में शिकायतकर्ता दीपक साऊ और जेवरात पॉलिश का कार्य करने वाले एक बंगाली मुस्लिम युवक के बीच पॉलिश की गुणवत्ता को लेकर विवाद हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला शांत हो गया, लेकिन देर रात यह विवाद और अधिक गंभीर रूप ले बैठा।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रात लगभग 12:30 बजे आरोपी युवक ने फोन लगाकर गंदी-गंदी गालियां दीं और व्हाट्सऐप पर आपत्तिजनक ऑडियो संदेश भेजा। आरोप यह भी है कि ऑडियो में गाय माता को लेकर अभद्र टिप्पणी की गई तथा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया। साथ ही शिकायतकर्ता को धमकी दी गई कि यदि उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने शुक्रवार सुबह कोतवाली थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। इधर, रात में ही आरोपी का कथित ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जैसे-जैसे यह ऑडियो सराफा व्यापारियों और स्थानीय लोगों तक पहुंचा, पूरे बाजार में आक्रोश फैल गया।
शुक्रवार सुबह जब आरोपी युवक रोजाना की तरह सराफा बाजार स्थित दुकान पर काम करने पहुंचा, तब पहले से सतर्क व्यापारी वहां एकत्र हो गए। हालांकि व्यापारियों ने संयम बरतते हुए कानून अपने हाथ में नहीं लिया और तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर हिंदूवादी नेता सीताराम सेन भी पहुंचे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में लेकर थाने रवाना किया।
सराफा व्यापारियों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है जब बंगाली कारीगरों को लेकर विवाद सामने आया हो। व्यापारियों के अनुसार, इससे पहले भी कई मामलों में बंगाली कारीगर लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो चुके हैं, जिससे सराफा व्यवसायियों में पहले से ही अविश्वास और चिंता का माहौल बना हुआ है। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि सराफा बाजार में काम करने वाले बाहरी कारीगरों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया जाए तथा उनके दस्तावेजों की सख्ती से जांच हो।
फिलहाल कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वायरल ऑडियो की सत्यता की भी तकनीकी जांच कराई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

No comments:
Post a Comment