जबलपुर | बरगी डैम के जलाशय में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। शनिवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय पत्रकार वार्ता में राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए इस पूरे घटनाक्रम की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि आपराधिक लापरवाही का नतीजा है।
सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ने का आरोप
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए विवेक तन्खा ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के कड़े नियम होते हैं। उन्होंने वैश्विक मानकों का हवाला देते हुए कहा:
"देश-विदेश के किसी भी जलाशय या समुद्र में बोटिंग के दौरान लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होता है। बरगी डैम हादसे की शुरुआती कड़ियां चीख-चीख कर कह रही हैं कि यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखा गया था। बिना सुरक्षा उपकरणों के क्रूज का संचालन करना सीधे तौर पर मौत को दावत देना है।"
सवारियों की संख्या पर गहराता सस्पेंस
सांसद तन्खा ने प्रशासनिक तंत्र पर प्रहार करते हुए कहा कि हादसे के इतने समय बाद भी प्रशासन यह बताने की स्थिति में नहीं है कि क्रूज पर कुल कितने लोग सवार थे। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि क्या वहां कोई प्रवेश रजिस्टर या टिकट काउंटिंग की व्यवस्था नहीं थी? यह स्थिति अव्यवस्था और लापरवाही की पराकाष्ठा को दर्शाती है।
मुआवजे पर तल्ख तेवर: 10 लाख की मांग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा घोषित 4 लाख रुपये और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 2 लाख रुपये की सहायता राशि को तन्खा ने अपर्याप्त करार दिया। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवारों के दर्द को समझते हुए राज्य सरकार प्रत्येक मृतक के आश्रितों को कम से कम 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करे।
"लीपापोती नहीं, चाहिए निष्पक्ष जांच"
कांग्रेस नेताओं ने सामूहिक रूप से आशंका जताई कि यदि जांच राज्य सरकार के अधीन अधिकारियों द्वारा की गई, तो असली गुनहगारों को बचा लिया जाएगा। विवेक तन्खा ने मांग की है कि:
- जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्च स्तरीय न्यायिक निकाय से कराई जाए।
- दोषियों के खिलाफ केवल विभागीय कार्रवाई नहीं, बल्कि आपराधिक प्रकरण (क्रिमिनल केस) दर्ज किया जाए।
पत्रकार वार्ता में एकजुट दिखी कांग्रेस
डैम हादसे को लेकर आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिले के तमाम दिग्गज नेता उपस्थित रहे। इस दौरान प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
उपस्थित प्रमुख नेता:
पत्रकार वार्ता के दौरान राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा के साथ विधायक लखन घनघोरिया, पूर्व विधायक तरुण भानोट, मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष यश घनघोरिया, नगर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा, ग्रामीण अध्यक्ष संजय यादव, मोहम्मद कदीर सोनी, कांग्रेस नेता चिंटू चौक से एवं आलोक मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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