जबलपुर | बरगी बांध में गुरुवार शाम को हुए भीषण क्रूज हादसे के बाद से जारी सघन सर्च ऑपरेशन में शनिवार को बड़ी सफलता मिली है। रेस्क्यू टीमों ने पानी से दो लापता बच्चों के शव बरामद कर लिए हैं। इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों की कुल संख्या अब 11 तक पहुँच गई है, जबकि दो अन्य व्यक्तियों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन का दायरा और बढ़ा दिया गया है।
सर्च ऑपरेशन में मिली सफलता
शनिवार शाम को गोताखोरों ने 4 वर्षीय विराज सोनी (निवासी कोतवाली) और 6 वर्षीय श्रीतमिल (निवासी वेस्टलैंड खमरिया) के शवों को बांध के गहरे पानी से बाहर निकाला। गौरतलब है कि गुरुवार को अचानक आई तेज आंधी और तूफान के कारण क्रूज अनियंत्रित होकर पलट गया था। हादसे के तुरंत बाद शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासन ने 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया था, लेकिन कई लोग लापता हो गए थे जिनकी तलाश निरंतर जारी है।
सेना और NDRF ने संभाली कमान
लापता 9 वर्षीय श्री मयूरम और 40 वर्षीय श्री कामराज की खोज के लिए शनिवार सुबह से ही सेना, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), स्थानीय पुलिस और होमगार्ड की टीमें जुटी रहीं। पानी की गहराई को देखते हुए 'डीप डाइविंग' तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मौके पर विधायक नीरज सिंह, पर्यटन विकास निगम के एमडी डॉ. इलैयाराजा टी, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत खुद मौजूद रहकर पल-पल की अपडेट ले रहे हैं।
गमगीन माहौल में शवों की रवानगी
हादसे का शिकार हुए मृतकों के पार्थिव शरीरों को उनके गृह नगर भेजने की प्रक्रिया भी प्रशासन द्वारा पूरी की जा रही है। शनिवार सुबह इंडिगो की नियमित उड़ान से मधुर मैसी, मरीन मैसी और 4 वर्षीय त्रिशान मैसी के शव नई दिल्ली भेजे गए। वहीं, तमिलनाडु की रहने वालीं श्रीमती काकुलाझी और सौभाग्यम अलागन के शवों को विशेष एयर कार्गो विमान से कोयम्बटूर रवाना किया गया है। क्षेत्र में इस हादसे के बाद से शोक की लहर है।
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