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Friday, May 1, 2026

समाज को एकजुट और समरस बनाने में आरएसएस का योगदान अतुलनीय: डॉ. पवन स्थापक

 


जबलपुर | प्रथम टुडे न्यूज़

'सच की बात सबके साथ'

जबलपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) जबलपुर महानगर द्वारा भंवरताल स्थित संस्कृति थिएटर (कल्चरल स्ट्रीट) में एक भव्य जनगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह विशेष आयोजन न्यायिक क्षेत्र, अधिवक्ता एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट श्रेणी के प्रबुद्ध जनों के लिए रखा गया था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सक्षम के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. पवन स्थापक ने समाज के एकत्रीकरण और राष्ट्र निर्माण में संघ की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

शताब्दी वर्ष और वैचारिक यात्रा

​मुख्य अतिथि पूर्व उप महाधिवक्ता संजय के. अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि संघ अपने शताब्दी वर्ष (100 वर्ष) के पड़ाव पर है। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले एक दशक में समाज के हर वर्ग को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने में संघ ने जो कार्य किया है, वह ऐतिहासिक है। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में एकरूपता और समरसता लाने का श्रेय संघ के जमीनी सेवा कार्यों को जाता है।

आत्म-विस्मृति से आत्म-बोध की ओर

​डॉ. पवन स्थापक ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में बात रखते हुए कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने यह गहराई से मंथन किया था कि भारत पर बार-बार विदेशी आक्रमण क्यों हुए। इसका मुख्य कारण हमारी 'आत्म-विस्मृति' और समाज का बिखराव था। उन्होंने कहा—

"स्वामी विवेकानंद ने शिकागो से लौटकर राष्ट्र प्रथम और चरित्र निर्माण का जो संदेश दिया था, संघ आज आरोग्य भारती, सेवा भारती और सरस्वती शिशु मंदिर जैसे संगठनों के माध्यम से उसी संकल्प को धरातल पर उतार रहा है।"


पंच परिवर्तन: विश्व गुरु बनने का आधार

​कार्यक्रम में समाज जागरण हेतु 'पंच परिवर्तन' के सिद्धांतों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। डॉ. स्थापक ने बताया कि जब समाज और संघ एक होंगे, तभी भारत पुनः विश्व गुरु के पद पर आसीन होगा। इसके लिए पांच प्रमुख आधारों पर चर्चा की गई:

  1. स्वदेशी: भारतीय भोजन, वेशभूषा और रहन-सहन को प्राथमिकता देना।
  2. कुटुंब प्रबोधन: परिवार में संस्कारों का बीजारोपण करना।
  3. पर्यावरण: प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना।
  4. समरसता: छुआछूत और भेदभाव को मिटाकर सबको गले लगाना।
  5. नागरिक कर्तव्य: समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना।

संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुति

​कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के तैलचित्र पर माल्यार्पण और 'वंदे मातरम' के साथ हुआ। विभाग सरकार्यवाह अखिलेंद्र सिंह के कुशल संचालन में हुए इस कार्यक्रम में एडवोकेट प्रदीप गुप्ता ने संघ की विकास यात्रा और उसकी 40 से अधिक सहयोगी संस्थाओं के सेवा कार्यों की प्रस्तावना रखी। एकल गीत "संस्कृति सबकी एक चिरंतन, खून रगों में हिंदू है" ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।

प्रबुद्ध जनों के साथ सीधा संवाद

​कार्यक्रम की एक विशेषता अतिथियों और दर्शकों के बीच हुआ सीधा संवाद रहा। उपस्थित अधिवक्ताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने अपने प्रश्न और सुझाव लिखित रूप में एक कलश में प्रस्तुत किए। इस अवसर पर महाकौशल प्रांत के संघचालक डॉ. प्रदीप दुबे सहित शहर के प्रतिष्ठित प्रबुद्ध जन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अंत में सभी ने राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।

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