प्रथम टुडे / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'मन की बात' के 133वें संस्करण में देश की बढ़ती ऊर्जा शक्ति और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने भारत की पवन ऊर्जा (Wind Energy) क्षमता में आई ऐतिहासिक तेजी को 'विकसित भारत' के संकल्प के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।
प्रमुख बिंदु: संबोधन की 5 बड़ी बातें
1. पवन ऊर्जा में भारत का 'महा-रिकॉर्ड'
पीएम ने बताया कि भारत ने पवन ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। देश की कुल पवन ऊर्जा क्षमता अब 56 गीगावाट (GW) को पार कर गई है। पिछले वित्त वर्ष (2025-26) में भारत ने रिकॉर्ड 6.05 GW क्षमता जोड़ी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 46% अधिक है। पीएम ने कहा, "आज भारत पवन ऊर्जा क्षमता में दुनिया में चौथे स्थान पर है।"
2. डिजिटल आर्काइव: 'अभिलेख पटल' की चर्चा
प्रधानमंत्री ने देश की ऐतिहासिक धरोहरों को संजोने के लिए 'अभिलेख पटल' पोर्टल की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल पर 20 करोड़ से अधिक डिजिटल दस्तावेज और दुर्लभ पांडुलिपियाँ मौजूद हैं।
- 7वीं शताब्दी की गिलगित पांडुलिपियां और 8वीं शताब्दी के 'सिरीभूवलय' जैसे ग्रंथों का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे युवाओं के लिए ज्ञान का खजाना बताया।
3. सौर ऊर्जा और भविष्य की सुरक्षा
पवन ऊर्जा के साथ-साथ पीएम ने सौर ऊर्जा (Solar Energy) के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं है, बल्कि हमारे भविष्य की सुरक्षा है। उन्होंने नागरिकों से स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और बिजली बचाने की अपील की।
4. जनगणना: दुनिया का सबसे बड़ा अभियान
पीएम ने बताया कि देश में जनगणना का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। अब तक लगभग 1 करोड़ 20 लाख परिवारों के मकानों की लिस्टिंग का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने जनता से इस अभियान में बढ़-चढ़कर और सही जानकारी के साथ भागीदारी करने का आग्रह किया।
5. परमाणु वैज्ञानिकों का गौरव
प्रधानमंत्री ने भारत के नागरिक परमाणु कार्यक्रम और अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों के प्रयासों से भारत अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है।
"पवन शक्ति एक ऐसी अदृश्य ताकत है जिसके बिना जीवन संभव नहीं। आज यही शक्ति भारत की विकास यात्रा को नई ऊंचाई दे रही है। यह हमारे इंजीनियरों और युवाओं की सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है।"
— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

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