प्रथम टुडे | सच की बात सबके साथ
जबलपुर। शहर की सड़कों पर इन दिनों एक खतरनाक ट्रेंड तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। मोबाइल पर बात करते हुए टू-व्हीलर चलाना युवा वर्ग के लिए मानो ‘फैशन’ बन गया है। भीड़-भाड़ वाले इलाकों से लेकर व्यस्ततम सड़कों तक बड़ी संख्या में युवक-युवतियां मोबाइल पर बातचीत करते हुए वाहन चलाते देखे जा सकते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। 🚨
युवा वर्ग में बढ़ती लापरवाही
जबलपुर की सड़कों पर सुबह से लेकर शाम तक कई युवक-युवतियां एक हाथ से वाहन चलाते और दूसरे हाथ में मोबाइल पकड़े नजर आते हैं। खास बात यह भी सामने आ रही है कि इस लापरवाही में युवा लड़कियों की संख्या भी कम नहीं है।
कई मामलों में तो नाबालिग लड़के-लड़कियां भी मोबाइल पर बात करते हुए फर्राटे से वाहन दौड़ाते दिखाई देते हैं, जो उनके साथ-साथ अन्य राहगीरों के लिए भी खतरा बन रहा है।
दुर्घटनाओं को दे रहे आमंत्रण
मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने से चालक का ध्यान सड़क से हट जाता है, जिससे अचानक ब्रेक, मोड़ या सामने आए वाहन को संभालना मुश्किल हो जाता है। कई बार ऐसे मामलों में दुर्घटनाएं हो भी चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही कम नहीं हो रही।
हादसे के बाद उल्टा विवाद
देखने में यह भी आया है कि यदि मोबाइल पर बात करते हुए कोई युवती या युवक किसी से टकरा जाता है, तो आसपास के लोग वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार टकराने वाले व्यक्ति को ही दोषी ठहरा दिया जाता है और विवाद की स्थिति बन जाती है। कुछ मामलों में हाथापाई तक की नौबत भी आ जाती है।
अभिभावकों को भी देना होगा ध्यान
नाबालिग बच्चों द्वारा मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने बच्चों को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक करें और बिना लाइसेंस वाहन चलाने से रोकें।
हेलमेट चेकिंग पर जोर, मोबाइल उपयोग पर कम कार्रवाई
शहर में ट्रैफिक पुलिस द्वारा हेलमेट और रेड लाइट जंपिंग पर नियमित कार्रवाई की जाती है, लेकिन मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों पर अपेक्षाकृत कम कार्रवाई देखने को मिलती है।
जबकि शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस और स्मार्ट सिटी के कैमरे लगे हुए हैं। यदि पुलिस इन कैमरों के माध्यम से मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों की पहचान कर चालान भेजे, तो इस लापरवाही पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
मोटर व्हीकल एक्ट में क्या है प्रावधान
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना खतरनाक ड्राइविंग की श्रेणी में आता है। इस नियम का उल्लंघन करने पर ₹1,000 से ₹5,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या निरस्त भी किया जा सकता है। �
इसके अलावा यदि मोबाइल पर बात करते समय दुर्घटना होती है तो चालक पर लापरवाही से वाहन चलाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज हो सकता है, जिसमें जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।
कई शहरों में ट्रैफिक पुलिस द्वारा कैमरों के जरिए ऐसे चालान भेजे भी जा रहे हैं, जिससे इस तरह की लापरवाही पर नियंत्रण किया जा सके।
📍 जागरूकता और सख्ती दोनों जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल चालान ही नहीं, बल्कि जनजागरूकता भी जरूरी है। स्कूल-कॉलेज स्तर पर अभियान चलाकर युवाओं को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

No comments:
Post a Comment