भोपाल।नगर निगमों में एल्डरमैन और अन्य राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार कर रहे नेताओं को फिलहाल बड़ा झटका लगा है। शासन स्तर पर लिए गए ताजा फैसले के बाद इन नियुक्तियों की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वर्तमान परिस्थितियों में नई जिम्मेदारियां देने की प्रक्रिया को कुछ समय के लिए स्थगित रखा जाए। इस निर्णय के बाद लंबे समय से पदों की उम्मीद लगाए बैठे नेताओं की संभावनाओं पर फिलहाल विराम लग गया है।
उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया फैसला
सूत्रों के अनुसार हाल ही में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश में लंबित राजनीतिक नियुक्तियों और संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने निर्देश जारी करते हुए फिलहाल नई नियुक्तियों को रोकने का निर्णय लिया। संगठन का मानना है कि जल्दबाजी में निर्णय लेने की बजाय प्रक्रिया को व्यवस्थित और संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया जाए।
पहले जनभागीदारी समितियों को मिलेगी प्राथमिकता
नई रणनीति के तहत अब नगर निगम एल्डरमैन और विकास प्राधिकरणों के चेयरमैन की नियुक्तियों से पहले जनभागीदारी समितियों में जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। शासन का मानना है कि इन समितियों के माध्यम से जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा सकता है। सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर संगठन को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। इन समितियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निगम मंडलों और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों पर विचार किया जाएगा।
तैयार सूची के बावजूद रुकी प्रक्रिया
बताया जा रहा है कि निगम मंडलों और अन्य पदों के लिए संभावित नामों की सूची लगभग तैयार कर ली गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और वरिष्ठ नेताओं के बीच कई दौर की चर्चा भी हो चुकी थी। कई नामों पर सहमति बनने के बावजूद अंतिम समय में नियुक्तियों को रोकने का निर्णय लिया गया। संगठन अब नियुक्तियों में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को बेहतर बनाने पर जोर दे रहा है।
चुनावी समीकरण भी बने कारण
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक आगामी राज्यों के चुनाव और बदलते राजनीतिक समीकरण भी इस फैसले की बड़ी वजह माने जा रहे हैं। पार्टी नेतृत्व चुनाव परिणामों के बाद स्थिति का आकलन कर नियुक्तियों पर अंतिम निर्णय लेना चाहता है। बताया जा रहा है कि करीब एक दर्जन निगम मंडलों में प्रस्तावित नियुक्तियों को इसी कारण से रोक दिया गया है।
दावेदारों की बढ़ी चिंता
नगर निगम एल्डरमैन, विकास प्राधिकरण चेयरमैन और अन्य मनोनीत पदों के दावेदारों की बेचैनी अब बढ़ने लगी है। छोटे नगर निकायों में कुछ नियुक्तियां हो चुकी हैं, लेकिन बड़े शहरों की नियुक्तियां लंबित रहने से कई नेताओं में असमंजस की स्थिति बन गई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संगठनात्मक योगदान को देखते हुए आगे पदों का वितरण किया जाएगा।
फिलहाल सभी दावेदारों की नजरें संगठन के अगले निर्णय और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

No comments:
Post a Comment