इस्तीफे की अटकलों से प्रदेश की राजनीति में हलचल, कांग्रेस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की
प्रथम टुडे जबलपुर
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हुए तीखे विवाद के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नाराज होकर सदन से बाहर निकलने से प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सदन से बाहर आने के बाद उनका मोबाइल बंद मिलने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद उनके पद से इस्तीफे की अटकलें लगाई जाने लगीं।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक नेता प्रतिपक्ष पद से उनके इस्तीफे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विवाद से बढ़ी नाराजगी
विधानसभा में चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री और वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बहस के दौरान की गई कथित टिप्पणी को कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष का अपमान बताया और इसका जोरदार विरोध किया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही भी प्रभावित हुई।बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम से आहत होकर सिंघार सदन से बाहर निकल गए।
संपर्क से बाहर, बढ़ी राजनीतिक चर्चा
सदन से बाहर आने के बाद सिंघार से संपर्क नहीं हो सका और उनका मोबाइल बंद बताया गया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि वे नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
हालांकि कांग्रेस संगठन या सिंघार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कांग्रेस ने जताया विरोध
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष के साथ असम्मानजनक व्यवहार हुआ है। पार्टी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए आगे की रणनीति पर विचार कर रही है। प्रदेश स्तर पर भी इस मामले को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है।
अगर इस्तीफा हुआ तो क्या होगा
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि उमंग सिंघार इस्तीफा देते हैं तो—
विधानसभा में विपक्ष के नेतृत्व में बदलाव की स्थिति बनेगी
बजट सत्र के दौरान कांग्रेस की रणनीति प्रभावित हो सकती है
प्रदेश कांग्रेस संगठन में नए समीकरण बन सकते हैं

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