प्रथम टुडे
जबलपुर। कुंडम तहसील के हरदुली आदिवासी छात्रावास में 21 अगस्त को हुई बैगा छात्र की मौत का कारण दूषित भोजन साबित हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बिसरा जांच और प्रशासनिक जांच में स्पष्ट हुआ कि छात्रावास में परोसा गया खराब भोजन ही छात्रों की बीमारी और एक छात्र की मौत की वजह बना। रिपोर्ट सामने आने के बाद कुंडम पुलिस ने छात्रावास अधीक्षक गजेंद्र झारिया के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
खराब भोजन से 13 छात्र बीमार, एक की मौत
ग्राम बिलदुकरी निवासी छोटेलाल धुर्वे का 14 वर्षीय बेटा राजाराम धुर्वे हरदुली आदिवासी छात्रावास में रहकर कक्षा 9वीं में पढ़ाई कर रहा था। 20 अगस्त को छात्रावास के 13 छात्रों ने भोजन किया, जिसके बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। किसी को उल्टियां होने लगीं, तो कुछ बच्चे अचेत हो गए। परिजन बच्चों को अस्पताल ले गए।
राजाराम की हालत गंभीर होने पर 21 अगस्त को उसे जबलपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम और रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैब (RFSL) की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मौत बीमारी से नहीं, बल्कि विषाक्त भोजन के सेवन से हुई है।
खाद्य विभाग ने नमूनों में पाई खराब गुणवत्ता
घटना के बाद खाद्य विभाग की टीम ने छात्रावास से आटा, चावल, अरहर दाल सहित अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लिए। जांच रिपोर्ट में सभी नमूने खराब गुणवत्ता के पाए गए। विभाग ने यह रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है।
अधीक्षक पर गंभीर लापरवाही के आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि जुलाई में पदस्थापित छात्रावास अधीक्षक गजेंद्र झारिया न तो नियमित रूप से छात्रावास में उपस्थित रहते थे और न ही छात्रों की देखरेख करते थे।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, अधीक्षक ही घटिया किस्म की खाद्य सामग्री बाहर से मंगवाते थे और कर्मचारियों पर उसी से भोजन बनाने का दबाव डालते थे। इसी दूषित भोजन से छात्रों की तबीयत बिगड़ी और एक छात्र की जान चली गई।
पुलिस अब अन्य आरोपियों की भूमिका जांचेगी
FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस यह भी पता लगा रही है कि अधीक्षक के साथ और कौन-कौन इस लापरवाही और अनियमितता में शामिल था।

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