प्रयागराज–नागपुर–जबलपुर तक फैला अंतरराज्यीय गिरोह, दो गिरफ्तार
जबलपुर।
प्रथम टुडे पनागर थाना क्षेत्र में सराफा व्यापारी से हुई करीब 30 लाख रुपये की बड़ी लूट के मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। इस प्रकरण में पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी प्रतापगढ़ जेल में बंद है और तीन फरार आरोपियों की तलाश जारी है
घटना का विवरण
दिनांक 16 दिसंबर 2025 को पनागर स्थित सोनिया ज्वेलर्स के पीछे जयप्रकाश वार्ड की गली में तीन मोटरसाइकिलों से आए अज्ञात बदमाशों ने सराफा व्यापारी व उसके परिजनों के साथ मारपीट कर सोने-चांदी के आभूषणों से भरे तीन थैले लूट लिए। हमले में व्यापारी, उसका भतीजा और पुत्र घायल हुए, जिन्हें पहले पनागर और बाद में जबलपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पहले भी की गई थी लूट की कोशिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 15 दिसंबर को भी लूट की योजना बनाई थी, लेकिन मौके पर FRB-112 पुलिस वाहन की मौजूदगी के चलते वे वारदात को अंजाम दिए बिना फरार हो गए। इसके अगले दिन 16 दिसंबर को उन्होंने घटना को अंजाम दिया।
तीन महीने पहले हुई थी रैकी
जांच के दौरान पता चला कि गैंग के एक सदस्य राजेंद्र यादव ने लगभग तीन महीने पहले जबलपुर आकर क्षेत्र की रैकी की थी। वारदात से पहले सभी आरोपी भेड़ाघाट के पास एक धर्मशाला में ठहरे थे और वहीं से घटना की रणनीति बनाई गई।
पहली गिरफ्तारी प्रयागराज में
प्रकरण में सबसे पहले सफलता उस समय मिली जब एमडी नागोतिया की टीम ने प्रयागराज में दबिश देकर आरोपी दीपक त्रिपाठी को गिरफ्तार किया। उसकी पूछताछ के बाद गैंग के अन्य सदस्यों के नाम सामने आए।
नागपुर और प्रतापगढ़ से जुड़े तार
पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गोविंद पांडे उर्फ कान्हा को नागपुर में क्राइम ब्रांच की मदद से गिरफ्तार किया। वहीं एक आरोपी वीरेंद्र यादव घटना के बाद प्रतापगढ़ में अन्य मामले में न्यायालय में सरेंडर कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है।
जंगल में छिपाया गया लूट का माल
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि लूट के बाद आभूषणों का आपस में बंटवारा कर बनखेड़ी-मनका पहाड़ी के जंगल में गड्ढा खोदकर छिपाया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर —
152 ग्राम सोना
3010 ग्राम चांदी
नकद 1 लाख रुपये
दो दुपहिया वाहन और एक मोबाइल
जप्त किए हैं। जप्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है।
शातिर और आदतन अपराधी
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य काफी शातिर और आदतन अपराधी हैं, जिनके विरुद्ध मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में लूट व डकैती के कई प्रकरण दर्ज हैं।
सीसीटीवी और मुखबिर की अहम भूमिका
इस पूरे मामले के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय मुखबिर तंत्र, क्राइम ब्रांच, साइबर सेल तथा पनागर सहित अन्य थानों की संयुक्त टीम की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि फरार तीन आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही लूट के शेष आभूषणों की बरामदगी और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

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