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Tuesday, December 23, 2025

मदन महल स्टेशन पार्किंग स्टैंड में मनमानी वसूली के आरोप



ठेके की शर्तों की अनदेखी, तय दर से दोगुना शुल्क वसूले जाने की शिकायत

प्रथम टुडे

जबलपुर। मदन महल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक-1 और 4 पर स्थित वाहन पार्किंग स्टैंड को लेकर यात्रियों और वाहन स्वामियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हाल ही में हुए नए टेंडर के बाद पार्किंग स्टैंड पर मनमानी वसूली शुरू होने के आरोप सामने आए हैं। यात्रियों का कहना है कि ठेके की शर्तों के विपरीत उनसे तय दरों से कहीं अधिक शुल्क वसूला जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, मदन महल स्टेशन की वाहन पार्किंग का ठेका कटनी स्थित एक निजी समूह को दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही समय बाद पार्किंग स्टैंड पर अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आने लगी हैं।

रेट लिस्ट और पहचान से वंचित कर्मचारी

पार्किंग स्टैंड पर न तो अधिकृत शुल्क दरों की सूची स्पष्ट रूप से लगाई गई है और न ही वहां कार्यरत कर्मचारी किसी निर्धारित ड्रेस कोड में नजर आते हैं। अधिकांश कर्मचारियों के गले में पहचान पत्र (आई-कार्ड) भी नहीं होते, जिससे यात्रियों को यह तक स्पष्ट नहीं हो पाता कि वे अधिकृत कर्मचारी हैं या नहीं।

तय दरों के बजाय दोगुनी वसूली का आरोप

यात्रियों का आरोप है कि ठेके की शर्तों के अनुसार—

दो पहिया वाहन के लिए 24 घंटे का शुल्क लगभग 20 रुपये निर्धारित है,

लेकिन पार्किंग स्टैंड पर 40 रुपये वसूले जा रहे हैं।

वहीं चार पहिया वाहन के लिए 24 घंटे की निर्धारित दर 60 रुपये होनी चाहिए,

जबकि वाहन स्वामियों से 120 रुपये लिए जा रहे हैं।

इस अतिरिक्त वसूली को लेकर यात्रियों में खासा रोष देखा जा रहा है।

मंथली पास की सुविधा भी ठप

पार्किंग स्टैंड पर मंथली पास जारी न किए जाने की शिकायत भी सामने आई है। नियमों के अनुसार, मासिक पास की दर लगभग 400 रुपये निर्धारित बताई जा रही है, लेकिन वर्तमान में मंथली पास की सुविधा बंद कर दी गई है। इसके स्थान पर वाहन चालकों से प्रतिदिन के हिसाब से शुल्क लिया जा रहा है, जिससे नियमित रूप से स्टेशन आने-जाने वालों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ठेकेदार की जानकारी भी नहीं उपलब्ध

पार्किंग स्टैंड परिसर में कहीं भी ऐसा कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिसमें ठेकेदार का नाम, ठेके की अवधि, शर्तें या संपर्क नंबर दर्ज हो। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और यात्रियों को शिकायत दर्ज कराने में भी परेशानी हो रही है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

यात्रियों और वाहन स्वामियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि पार्किंग स्टैंड की जांच कराई जाए, तय दरों का पालन सुनिश्चित कराया जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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