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Monday, December 29, 2025

2025 जाते-जाते फिर उजागर हुई जबलपुर पुलिस की नाकामी

 


व्यस्ततम कांच घर इलाके में 18 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या, अपराधियों के हौसले बुलंद

जबलपुर।

प्रथम टुडे साल 2025 के अंतिम दिनों में एक बार फिर जबलपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में गिने जाने वाले कांच घर क्षेत्र में 18 वर्षीय युवक की दिनदहाड़े निर्मम हत्या ने कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

मृतक की पहचान मोनू झारिया के रूप में हुई है, जो मांडवा बस्ती का निवासी बताया जा रहा है। यह घटना गोरखपुर थाना अंतर्गत रामपुर चौकी क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार मोनू किसी काम से कांच घर आया हुआ था और सड़क किनारे फुलकी खा रहा था, तभी अचानक तीन से चार युवकों ने उस पर चाकू एवं अन्य घातक हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने बेहद बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया और घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल मोनू को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

व्यस्त इलाके में हत्या, पुलिस गश्त पर सवाल

कांच घर क्षेत्र को शहर का अत्यंत व्यस्त व्यापारिक इलाका माना जाता है, जहां दिन-रात आवाजाही बनी रहती है। ऐसे क्षेत्र में इस तरह की वारदात होना यह दर्शाता है कि अपराधियों को पुलिस का कोई भय नहीं है। यह घटना सीधे-सीधे पुलिस की गश्त, निगरानी और खुफिया तंत्र की विफलता को उजागर करती है।

पुलिस ने बताया

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक मोनू झारिया पर भी पूर्व में कुछ आपराधिक मामले दर्ज थे। हालांकि, कानून का तकाजा यह है कि कोई भी व्यक्ति कानून के बाहर सजा देने का अधिकार नहीं रखता। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।

लगातार बढ़ती घटनाएं, सवालों के घेरे में पुलिस

यह कोई पहली घटना नहीं है जब जबलपुर में खुलेआम हत्या की वारदात हुई हो। बीते महीनों में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस नियंत्रण कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि व्यस्त इलाकों में ही अपराधियों का डर नहीं है, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा? यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह भी है।

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