गणेश दर्शन के लिए गड्ढों वाली राह: श्रद्धालुओं की आस्था प्रशासनिक उपेक्षा पर भारी - Pratham Today, Sach Ki Baat SabKe Saath -->

Breaking

Tuesday, August 26, 2025

गणेश दर्शन के लिए गड्ढों वाली राह: श्रद्धालुओं की आस्था प्रशासनिक उपेक्षा पर भारी

 सड़कें बदहाल — गणेश उत्सव, ईद मिलादुन्नबी और पर्युषण जैसे पर्वों की तैयारी के बीच सड़कें बनी चुनौती


प्रथम टुडे जबलपुर।
शहर में भक्ति और उत्सव का माहौल है। गणेश चतुर्थी का आगमन हो चुका है, और इसके साथ ही शहर में गणेश पंडाल सजने लगे हैं। श्रद्धालु पूरे उत्साह से गणपति बप्पा के दर्शन के लिए तैयार हैं। लेकिन उनके इस उत्साह को झटका दे रही हैं — शहर की बदहाल सड़कें, जो हर मोड़ पर आस्था की परीक्षा लेने को तैयार हैं।

नगर निगम और जिला प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि शहर की अधिकांश सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। कहीं सड़कें हैं, कहीं गड्ढे हैं — और कहीं सड़क में ही गड्ढे हैं या गड्ढों में ही सड़कें! दो-चार मुख्य सड़कों को छोड़ दें, तो पूरा जबलपुर एक बड़े झांसे में लग रहा है — विकास का झांसा।

सड़कें बनी चुनौती, आस्था बनी हिम्मत

गणेश उत्सव के साथ-साथ ईद मिलादुन्नबी और जैन समुदाय का पर्युषण पर्व भी शुरू हो चुका है। लेकिन इन पर्वों के लिए कोई विशेष तैयारी नगर निगम या जिला प्रशासन की ओर से नहीं दिख रही है। श्रद्धालु गणपति के दर्शन को निकलेंगे तो कभी बाइक से उछलेंगे, कभी कार में झटके खाएंगे। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह हालत और भी दयनीय हो जाती है।

सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधि मौन, जनता हैरान

सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधियों को ना तो यह गड्ढे दिखाई दे रहे हैं और ना ही यह पर्व। महापौर महोदय तीन साल का 'विकास रिपोर्ट कार्ड' लेकर मीडिया के सामने जरूर आ गए, लेकिन जनता पूछ रही है कि अगर विकास यही है, तो फिर वादे क्या थे?

चुनाव के समय ‘स्मार्ट सिटी’, ‘बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर’, ‘पुनर्विकास योजना’ जैसे शब्द उछाले गए थे। अब जब सड़कों पर चलना भी दूभर हो गया है, तो यही जनता पूछ रही है — "क्या यही विकास है?"

जेपी नड्डा आए, तो बनी सड़क…

गौर करने वाली बात यह भी है कि ग्वारीघाट की सड़क, जो पिछले तीन महीनों से अपनी बदहाली पर रो रही थी, अचानक जेपी नड्डा के जबलपुर आगमन से पहले रातों-रात दुरुस्त कर दी गई। जेपी नड्डा के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शहर पहुंचे और एक ही रात में वह सड़क "चलने लायक" बना दी गई।

जनता कह रही है — "काश जेपी नड्डा पूरे शहर का दौरा कर लेते, तो शायद सभी सड़कों का उद्धार हो जाता।"
वहीं कुछ लोग तंज कसते हुए कह रहे हैं —

"गड्ढे में सड़क है या सड़क में गड्ढा — यह पहचानना मुश्किल हो गया है!"

वाल उठाना जरूरी है : अयोध्यातिवरी (कांग्रेसपर्षद)

यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है — यह आम आदमी की ज़िंदगी, आस्था, और सुरक्षा का सवाल है। जब प्रशासन त्यौहारों के समय भी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा, तब सवाल उठाना लाज़िमी है।

पति बप्पा मोरया!लेकिन साथ ही,प्रशासन जागो, जनता की सुनो।  


No comments:

Post a Comment